नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। शनि अमावस्या आज पड़ रही है। इस खास दिन को ‘शनि अमावस्या’ के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पितरों के लिए किए जाने वाले तर्पण और शनि देव की पूजा का अत्यंत विशेष महत्व होता है।इस पावन अवसर पर अगर कुछ खास उपाय किए जाएं, तो पितृ दोष से मुक्ति, शनि की कृपा, और घर में सुख-समृद्धि का आगमन निश्चित माना जाता है।
बता दे, शनि अमावस्या के दिन पितृ तर्पण और श्राद्ध अनुष्ठान से पितृ दोष का निवारण होता है। पितरों के प्रति श्रद्धा जाहिर करने का यह अवसर काफी पवित्र माना गया है। वहीं, शनिदेव की आराधना से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति मिलती है। इस दिन शनि देव की पूजा-अर्चना से जीवन में स्थिरता, समृद्धि और सुख-शांति आती है। धार्मिक मान्यता अनुसार, इस दिन तिल, सरसों का तेल, काले वस्त्र, नीले फूल और काले तिल का दान करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। लोग पीपल के पेड़ की पूजा भी करते हैं और उसे जलाभिषेक देते हैं। साथ ही जरूरतमंदों को दान-पुण्य करने से पुण्य लाभ बढ़ता है।
क्या है शनि अमावस्या का महत्व?
हर माह की अमावस्या तिथि को पितरों की शांति के लिए पूजा की जाती है, लेकिन जब अमावस्या शनिवार के दिन आती है, तो इसका फल कई गुना बढ़ जाता है। इस दिन भगवान शनि और पितरों की पूजा का विशेष महत्व है।धार्मिक मान्यता है कि कुछ विशिष्ट स्थानों पर दीपक जलाने से न सिर्फ पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है, बल्कि जीवन की बाधाएं भी दूर होती हैं।
कहां-कहां जलाएं दीपक?
पितरों की तस्वीर के सामने
सुबह स्नान के बाद घर में पितरों की तस्वीर के सामने दीपक जलाएं, उन्हें भोग अर्पित करें और सुख-शांति की कामना करें।शास्त्रों में कहा गया है कि पीपल में पितृ वास करते हैं। ऐसे में पीपल के नीचे दीपक जलाकर उसकी परिक्रमा करें, पितृ दोष से छुटकारा मिलेगा।
घर के मुख्य द्वार पर
दीपक जलाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक शक्तियों का आगमन होता है। परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। सरसों के तेल का दीपक शनि मंदिर में जलाएं। यह उपाय शनि दोष से मुक्ति दिलाता है और जीवन की बाधाएं भी दूर करता है।
इन बातों का रखें खास ध्यान
इस दिन किसी से झगड़ा या वाद-विवाद न करें
घर की सफाई और शुद्धता का ध्यान रखें
भगवान विष्णु और पितरों की श्रद्धा से पूजा करें
सकारात्मक सोच रखें, किसी का बुरा न सोचें।
शनि अमावस्या न सिर्फ एक तिथि है, बल्कि एक आध्यात्मिक अवसर है।जब आप अपने पूर्वजों को स्मरण कर उनकी कृपा पा सकते हैं। इस दिन की गई सच्ची श्रद्धा और साधना आपके जीवन को बदल सकती है।तो इस शनि अमावस्या पर दीप जलाइए, और अपने जीवन से अंधकार मिटाइए!





