नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल पड़नेवाली आषाढ़ महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी का व्रत रखा जाता है, भगवान विष्णु जी को समर्पित योगिनी एकादशी का व्रत इस साल 21 जून को पड़ रहा है, ऐसे में जानिए योगिनी एकादशी व्रत का समय व पूजा विधि, महत्व
जाने इस व्रत का शुभ तिथि,मुहूर्त
हिंदू पंचाग के अनुसार, योगिनी एकादशी का व्रत करने से न सिर्फ बीमारियों से मुक्ति मिलती है बल्कि, जीवन के सभी पाप व शारीरिक या मानसिक परेशानी से भी छुटकारा मिलता है। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, यह एकादशी व्रत रोगों को दूर करने वाली सबसे प्रभावशाली एकादशी मानी जाती है। खासकर उन लोगों के लिए जो लंबे समय से मानसिक परेशानी से जूझ रहे है। जाने इस व्रत का शुभ तिथि,मुहूर्त
व्रत की तिथि और शुभ मुहूर्त
एकादशी तिथि 21 जून 2025 को सुबह 7:18 बजे
एकादशी तिथि समापन:22 जून 2025 को सुबह 4:27 बजे तक होगा
व्रत का दिन: 21 जून 2025 शनिवार
चूंकि, हिंदू धर्म में व्रत हमेशा उदया तिथि के अनुसार रखा जाता है, , इसलिए 21 जून को योगिनी एकादशी व्रत रखा जाएगा
योगिनी एकादशी पर क्या करें?
इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ-साथ तुलसी माता की विशेष उपासना का महत्व है।
सुबह स्नान कर साफ वस्त्र पहन सबसे पहले भगवान विष्णु और तुलसी माता की पूजा करें.
फिर तुलसी जी को जल चढ़ा दीया अगरबत्ती जलाएं
7 बार परिक्रमा करें और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र जपें
भगवान विष्णु को जो भी भोग अर्पित करें, इसमें तुलसी पत्ते जरूर शामिल करें
मान्यता है कि, बिना तुलसी के भगवान विष्णु कोई भोग स्वीकार नहीं करते
भगवान को तुलसी माला का उपयोग करें
आप चाहें तो इस दिन इस शुभ अवसर पर तुलसी का नया पौधा लगाना बेहद शुभ माना जाता है।
योगिनी एकादशी का महत्व
योगिनी एकादशी के दिन व्रत रखने से शरीर की बीमारियां दूर होती हैं व मन और आत्मा को शुद्धि मिलती है। साथ ही पितृ दोष, गृह क्लेश नकारात्मक ऊर्जा से भी मुक्ति मिलती है। व भगवान विष्णु की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
योगिनी एकादशी के दिन व्रत रखने वाले व्यक्ति को इस दिन अन्न नहीं खाना चाहिए, फल, दूध और जल ग्रहण कर सकते है इससे संकल्प लेकर पूरे दिन भगवान विष्णु का ध्यान करें




