नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । ज्योतिषियों के अनुसार ग्रहण मनुष्य के जीवन और उसके भविष्य को बहुत प्रभावित करता है, जिसका सिर्फ मनुष्य ही नही बल्कि देश-दुनिया पर भी अपना प्रभाव छोड़ता है। जब भी ग्रहण लगता है, उस समय वैज्ञानिकों को सूर्य और चंद्र ग्रहण दोनों पर अध्ययन का मौका मिलता है ऐसे में इसी साल 2025 में सिंतबर महीने में दो ग्रहण लगनेवाले है जिसका भारत में क्या होगा असर जाने समय और प्रभाव सबकुछ विस्तार से।
चंद्र ग्रहण का समय
दरअसल, इस साल 2025 के सिंतबर माह में दो बार ग्रहण लगने वाला है। जिसमें पहला ग्रहण 7 सितंबर को लगेगा जो साल का दूसरा चंद्र ग्रहण होगा, वहीं दूसरा सूर्य ग्रहण 21 सितंबर के दिन के दिन लगेगा जो भारत में नही दिखाई देगा। लेकिन इनका ज्योतिषीय महत्व अधिक मायने देगा । ऐसे में आइए जानते है दोनों ग्रहण के समय और प्रभाव के बारे में।
पहला चंद्रग्रहण 7 सिंतबर को होगा
पहला जो चंद्रग्रहण जो सात सिंतबर को पड़नेवाला है, जिसका समय रात नौ बजकर 58 मिनट से लेकर रात एक बजकर 26 मिनट तक है, जो पूर्ण चंद्र ग्रहण माना जा रहा है। यह ग्रहण भारत में नजर आएगा । भारत में दिखने के कारण इसका सूतक काल मान्य रहेगा। जो ग्रहण लगने के नौ घंटे पहले ही शुरु हो जाऐगा।
कहां-कहां दिखेगा चंद्र ग्रहण ?
बता दे कि, भारत के अलावा चंद्रग्रहण बाहर विदेशों में भी दिखाई देगा, जिसमें यूरोप, एशिया, प्रशांत महासागर और हिंद महासागर में भी दिखाई देगा जिसका लगभग हर देशों में असर होगा।
सूर्य ग्रहण का समय
साल 2025 का दूसरा सूर्य ग्रहण 21 सितंबर को रात 11 बजे से लगनेवाला है, जो कि, अगले दिन यानी 22 सिंतबर को सुबह 3 बजकर 24 मिनट पर समाप्त होगा। लेकिन ये ग्रहण भारत में दिखाई नही देने के कारण इसका सूतक काल मान्य नही होगा। चूकि ये ग्रहण कन्या राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में लगने के कारण इसका धार्मिक महत्व अधिक होगा।
कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण ?
सूर्य ग्रहण जो मुख्य रूप से भारत को छोड़कर बाहर विदेशों यानी अमेरिका, समोआ, न्यूजीलैंड, फिजी, महासागर जैसें कई देशों में नजर आएगा।





