नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। सावन का महीना भगवान भोलेनाथ को अति प्रिय माना जाता है, जहां भगवान भोलेनाथ को पाने माता पार्वती ने कई सालों के कठिन तपस्या के बाद उन्हें वर रुप में प्राप्त किया। इसलिए ये महीना और भी शुभदायी माना जाता है, ऐसी मान्यता है कि इस व्रत का पालन करने से भगवान शिव खुश होते हैं और सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं। वहीं, जब सावन के सोमवार का इतना ज्यादा महत्व है, तो आइए इस आर्टिकल से जानते है अंतिम सोमवार कब है?
सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। इस दौरान भक्त विशेष पूजा करते हैं, सावन सोमवार का व्रत बहुत फलदायी माना जाता है। सावन के अब तक 2 सोमवार निकल चुके हैं इस बार सावन के इस महीने में 4 सोमवार ही पड़ेगे। ऐसे में अगर आपभोलेनाथ को प्रसन्न करना चाहते हैं तो सावन के आखिरी सोमवार पर उनकी खास पूजा अर्चना करें।
बचे हुए सावन सोमवार की लिस्ट
सावन तीसरा सोमवार 28, जुलाई 2025
सावन चौथा सोमवार 4, अगस्त 2025
सावन 2025 कब है अंतिम सोमवार?
सावन का अंतिम सोमवार 4 अगस्त, 2025 को पड़ रहा है, जो बेहद शुभ माना जा रहा है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का पावन संयोग है। चंद्रमा अनुराधा नक्षत्र और चित्रा नक्षत्र से वृश्चिक राशि पर गोचर करेंगे। जिसके साथ ही इस दिन ब्रह्म और इंद्र योग का संयोग भी रहेगा। ऐसे में साधक पूरे दिन कभी भी पूजा कर सकते हैं। हालांकि, ब्रह्म मुहूर्त में पूजा करना सबसे उत्तम माना जाता है।
पूजा विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।
पूजा शुरू करने से पहले व्रत का संकल्प लें।
एक वेदी पर भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें।
शिवलिंग का गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक करें।
इसके बाद शुद्ध जल से अभिषेक करें।
भगवान शिव को बेलपत्र, चंदन, अक्षत, धतूरा, आक के फूल, भांग, सफेद फूल, फल और मिठाई अर्पित करें।
माता पार्वती को सोलह शृंगार की सामग्री चढ़ाएं।
घी का दीपक और धूप जलाएं।
‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें और शिव चालीसा का पाठ करें।
सावन सोमवार व्रत की कथा सुनें या पढ़ें।
अंत में आरती करें।
भगवान को हाथ से बना भोग लगाएं फिर उसे प्रसाद के रूप में बांटें।
पूजा में हुई भूल के लिए भगवान शिव से क्षमा-प्रार्थना करें।





