back to top
19.1 C
New Delhi
Wednesday, March 4, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

इस दिन पड़ रहा सावन का अंतिम सोमवार, जानें इसके शुभ मुहूर्त, योग और पूजा विधि

सावन का महीना भगवान भोलेनाथ को अति प्रिय है, जिसे खास महादेव को प्रसन्न करने का पावन महीना माना जाता है। इस बार सावन का अंतिम सोमवार बहुत ज्यादा शुभ माना जा रहा है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। सावन का महीना भगवान भोलेनाथ को अति प्रिय माना जाता है, जहां भगवान भोलेनाथ को पाने माता पार्वती ने कई सालों के कठिन तपस्या के बाद उन्हें वर रुप में प्राप्त किया। इसलिए ये महीना और भी शुभदायी माना जाता है, ऐसी मान्यता है कि इस व्रत का पालन करने से भगवान शिव खुश होते हैं और सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं। वहीं, जब सावन के सोमवार का इतना ज्यादा महत्व है, तो आइए इस आर्टिकल से जानते है अंतिम सोमवार कब है? 

सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। इस दौरान भक्त विशेष पूजा करते हैं, सावन सोमवार का व्रत बहुत फलदायी माना जाता है। सावन के अब तक 2 सोमवार निकल चुके हैं इस बार सावन के इस महीने में 4 सोमवार ही पड़ेगे। ऐसे में अगर आपभोलेनाथ को प्रसन्न करना चाहते हैं तो सावन के आखिरी सोमवार पर उनकी खास पूजा अर्चना करें। 

बचे हुए सावन सोमवार की लिस्ट 

सावन तीसरा सोमवार 28, जुलाई 2025

सावन चौथा सोमवार 4, अगस्त 2025

सावन 2025 कब है अंतिम सोमवार? 

सावन का अंतिम सोमवार 4 अगस्त, 2025 को पड़ रहा है, जो बेहद शुभ माना जा रहा है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का पावन संयोग है। चंद्रमा अनुराधा नक्षत्र और चित्रा नक्षत्र से वृश्चिक राशि पर गोचर करेंगे। जिसके साथ ही इस दिन ब्रह्म और इंद्र योग का संयोग भी रहेगा। ऐसे में साधक पूरे दिन कभी भी पूजा कर सकते हैं। हालांकि, ब्रह्म मुहूर्त में पूजा करना सबसे उत्तम माना जाता है।

पूजा विधि 

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।

पूजा शुरू करने से पहले व्रत का संकल्प लें।

एक वेदी पर भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें।

शिवलिंग का गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक करें।

इसके बाद शुद्ध जल से अभिषेक करें।

भगवान शिव को बेलपत्र, चंदन, अक्षत, धतूरा, आक के फूल, भांग, सफेद फूल, फल और मिठाई अर्पित करें।

माता पार्वती को सोलह शृंगार की सामग्री चढ़ाएं।

घी का दीपक और धूप जलाएं।

‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें और शिव चालीसा का पाठ करें।

सावन सोमवार व्रत की कथा सुनें या पढ़ें।

अंत में आरती करें।

भगवान को हाथ से बना भोग लगाएं फिर उसे प्रसाद के रूप में बांटें।

पूजा में हुई भूल के लिए भगवान शिव से क्षमा-प्रार्थना करें।

Advertisementspot_img

Also Read:

Maha Shivaratri 2026: संतान सुख की कामना है? आज महाशिवरात्रि के दिन ये काम करने से पूरी हो सकती है मनोकामना

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आज महाशिवरात्रि का पर्व भगवान भोलेनाथ की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। यह दिन विशेष रूप से उन दंपतियों...
spot_img

Latest Stories

कुछ देशों में होली पर रंग खेलने पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई, जानिए कौन से हैं वो देश?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारत में होली सिर्फ एक त्योहार...

Chandra Grahan 2026: साल का पहला चंद्र ग्रहण और होली का संयोग, जानें सूतक में किन कार्यों से रहें दूर

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। फाल्गुन पूर्णिमा पर जहां एक ओर...

Skin Care Tips: ऑयली और डल स्किन से छुटकारा, समर में ऐसे रखें चेहरा फ्रेश और जवान

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। जैसे ही तापमान चढ़ता है, त्वचा...

Vastu Tips: घर में शांति बनाए रखने के लिए ये वास्तु उपाय, बनने लगेंगे सारे काम

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। जीवन में सुख समृद्धि अथवा...

Iran-Israel War का भारत पर क्या होगा असर, कैसे कच्चे तेल की कीमतों को करेगा प्रभावित?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को...