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Friday, March 20, 2026
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Surya Grahan 2024: पितृ पक्ष की अमावस्या पर लगेगा सूर्य ग्रहण, जानिए कब और कहां दिखेगा

साल 2024 का आखिरी सूर्य ग्रहण पितृ पक्ष के दिन लगने जा रहा है तो आईए जानते हैं कब और कहां ग्रहण देख सकते हैं।

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। साल 2024 का आखिरी सूर्य ग्रहण पितृ पक्ष की अमावस्या तिथि पर लगने जा रहा है। 2 अक्टूबर बुधवार 2024 के दिन पितृ पक्ष की अमावस्या मनाई जाएगी। इस दिन लोग श्रद्धा तर्पण करके अपने पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और उन्हें इस संसार से मुक्ति दिलाते हैं। तो चलिए जानते हैं कि सूर्य ग्रहण का इस पर क्या असर होगा और उसका सूतक काल कितने बजे से शुरू होगा और कितने बजे तक रहेगा?

सूर्य ग्रहण में क्या करें क्या न करें?

 

सूर्य ग्रहण के दौरान कोई भी पूजा पाठ वाला कार्यक्रम नहीं किया जाता। क्योंकि इस दौरान सूतक काल माना जाता है। जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच में पहुंचता है जिसके कारण पृथ्वी पर सूर्य की पूर्ण रूप से रोशनी नहीं पहुंच पाती, इस क्रिया को ही सूर्य ग्रहण कहा जाता है। सूर्य ग्रहण के समाप्त होने के बाद स्नान करके भगवन की पूजा अर्चना करनी चाहिए। इसलिए अगर आप आज के दिन तर्पण करने जा रहे तो पहले सूर्य ग्रहण का सूतक काल के बारे में जान लें। 

कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण?

इस साल सूर्य ग्रहण 02 अक्टूबर को रात 09 बजकर 13 मिनट से होगा। वहीं, इसका समापन मध्यरात्रि में 03 बजकर 17 मिनट पर होगा। साल का ये आखिरी ग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं देगा। क्योंकि ये रात्रि में लगेगा इस कारण इसका सूतक काल भी भारत में नहीं माना जाएगा। लेकिन ये ग्रहण आपको पेरू, फिजी, प्रशांत महासागर, आर्कटिक और दक्षिणी अमेरिका आदि देशों में देखने को मिलेगा।

सूर्य ग्रहण के दौरान प्रेग्नेंट महिलाएं इन बातों का रखें ध्यान

सूर्य ग्रहण के दौरान पूजा पाठ के अलावा खान पान में भी पाबंदी होती है। ग्रहण में दूध, लस्सी, पनीर समेत खाने की हर चीजों में तुलसी का पत्ता या कुश डाल देना चाहिए। सूतक काल में यह चीजें सूर्य ग्रहण के प्रभाव से मुक्त हो जाती हैं। इसके साथ ही अगर कोई प्रेग्नेंट महिला हैं। तो उनको कोई काम नहीं करना चाहिए। केवल आराम करना चाहिए। 

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डिसक्लेमर

इस लेख में प्रस्तुत किया गया अंश किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की पूरी सटीकता या विश्वसनीयता की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारियां विभिन्न स्रोतों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/प्रामाणिकताओं/धार्मिक प्रतिष्ठानों/धर्मग्रंथों से संग्रहित की गई हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य सिर्फ सूचना प्रस्तुत करना है,और उपयोगकर्ता को इसे सूचना के रूप में ही समझना चाहिए। इसके अतिरिक्त, इसका कोई भी उपयोग करने की जिम्मेदारी सिर्फ उपयोगकर्ता की होगी।

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