नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। शरद पूर्णिमा तिथि सभी पूर्णिमा तिथि से खास मानी जाती है। आज के दिन लोग माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इससे उनके घर परिवार में सुख समृद्धि बनी रहती है और बरकत होती है। पूर्णिमा तिथि की शाम को खीर बनाने का भी महत्व है। तो चलिए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
शरद पूर्णिमा के दिन जरूर करें गंगा स्नान
शरद पूर्णिमा की तिथि के दिन दान करने का भी महत्व है। आज के दिन जातक गंगा स्नान करते हैं। उसके बाद माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना और उनके चमत्कारी मंत्रों के जाप भी करते हैं। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार आज जो जातक उपवास रहकर माता लक्ष्मी और विष्णु भगवान की पूजा करता है उसके जीवन से कष्ट हमेशा के लिए दूर हो जाता है।
शरद पूर्णिमा के दिन क्या है खीर का महत्व
शरद पूर्णिमा की शाम को खीर बनाकर छत पर रखा जाता है। ताकि रात में बरसने वाला अमृत खीर पर पड़ें। आपको बता दें कि,धार्मिक मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात्रि को चंद्रमा की किरणों से अमृत बरसता है। इसीलिए आज की शाम खीर को छत पर रखा जाता है और सुबह इसे खाया जाता है। कहते हैं इसे खाने से आपके शरीर के कई प्रकार के रोगों का नाश हो जाता है।
शरद पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त
शरद पूर्णिमा के दिन लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त रात 11 बजकर 42 मिनट से देर रात 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में आप अगर माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं तो आप के ऊपर उनकी कृपा होती है। इसके कारण आप को कभी भी आर्थिक तंगी जैसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। आप को बता दें कि, पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 16 अक्टूबर को रात्रि 08 बजकर 40 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 17 अक्टूबर को शाम को 04 बजकर 55 मिनट पर होगा।





