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Friday, March 6, 2026
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Saphala Ekadashi 2025: सफलता और सुख-समृद्धि के लिए विशेष दिन, जानें शुभ समय

सफला एकादशी 2025 15 दिसंबर को पड़ रही है; व्रत और पूजा करने से सुख-समृद्धि, सफलता और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:56 से 12:27 बजे तक है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। सालभर में कुल 24 एकादशी आती हैं, जिनमें से कुछ शुक्ल पक्ष में और कुछ कृष्ण पक्ष में पड़ती हैं। इनमें से सफला एकादशी हर साल पौष महीने के कृष्ण पक्ष में मनाई जाती है। इस वर्ष, सफला एकादशी 15 दिसंबर 2025 को पड़ रही है।

सफला एकादशी का महत्व

सफला एकादशी के दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति के सभी कार्य सफल होते हैं और उसे जीवन में सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस दिन की पूजा से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और धन-समृद्धि की प्राप्ति के योग बनते हैं। इस अवसर पर मनोकामनाओं की पूर्णता की भी मान्यता है।

सफला एकादशी 2025 तिथि

वैदिक पंचांग के अनुसार, पौष कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 14 दिसंबर 2025 की रात 08:47 बजे शुरू होकर 15 दिसंबर 2025 की रात 10:08 बजे समाप्त होगी। इसलिए पंचांग के अनुसार 15 दिसंबर को ही सफला एकादशी का व्रत रखा जाएगा।

सफला एकादशी 2025 शुभ मुहूर्त

सफला एकादशी के दिन अभिजीत मुहूर्त भी बन रहा है। यह मुहूर्त दोपहर 11:56 बजे से शुरू होकर 12:27 बजे तक रहेगा। इस समय में व्रत रखने और पूजा-अर्चना करने का विशेष लाभ माना जाता है।

सफला एकादशी पर जाप करने योग्य मंत्र-

व्रत और पूजा के दौरान निम्नलिखित मंत्रों का जाप करने से विशेष पुण्य और सफलता प्राप्त होती है-

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीवासुदेवाय नमः

ॐ नमो नारायणाय

लक्ष्मी-विनायक मंत्र –

दन्ताभये चक्र दरो दधानं,

कराग्रगस्वर्णघटं त्रिनेत्रम्।

धृताब्जया लिंगितमब्धिपुत्रया

लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे।।

पूजा विधि और लाभ-

सफला एकादशी पर व्रत रखने से भगवान विष्णु की कृपा हमेशा बनी रहती है। इस दिन की पूजा से हर क्षेत्र में सफलता, धनलाभ और सम्मान की प्राप्ति होती है। जिनकी कोई विशेष मनोकामना होती है, उसे बोलकर या मन ही मन कहकर पूरी होने की मान्यता है।

इस साल अभिजीत मुहूर्त में पूजा-अर्चना करना और उपवास रखना विशेष शुभ माना गया है। सोलह वर्षों तक व्रत का महत्व बढ़ता है और यह दिन हर भक्त के लिए आध्यात्मिक एवं आर्थिक उन्नति का अवसर लेकर आता है।

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