नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि के ही रामनवमी का त्योहार मनाया जता है। आज के दिन भगवान राम का जन्म हुआ था हुए इस लिए बड़े ही धूम धाम से लोग भगवान का जन्मोत्सव मानते है। भगवान राम भगवान विष्णु के 7वें अवतार माने जाते हैं। राम नवमी के शुभ अवसर पर अपने-अपने घरों में भगवान राम की पूजा करने का खास महत्व होता है और इस दिन भगवान राम को पालने में झूला झुलाया जाता है और उनके प्रिय व्यंजनों का भोग लगाया जाता है। वहीं अगर इस साल आप रामनवमी को लेकर कंफ्यूजन हो रहे है की रामनवमी किस दिन है और शुभ मुहूर्त क्या है? तो चलिए इसके बारे में विस्तार से आपको बताते है।
रामनवमी की सही तिथि और मुहूर्त
भगवान राम का जन्मोत्सव यानि रामनवमी क त्योहार इस साल यह तिथि 6 अप्रैल को है। इस दिन भगवान राम की पूजा की जाती है और उनके जन्मोत्सव का आयोजन किया जाता है।हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 5 अप्रैल को शाम 7 बजकर 26 मिनट पर शुरू होगी और यह तिथि अगले दिन, 6 अप्रैल को शाम 7 बजकर 22 मिनट पर समाप्त होगी। इसलिए, पंचांग के अनुसार 6 अप्रैल को राम नवमी मनाई जाएगी। अयोध्या के मंदिरों में भी इसी दिन राम नवमी की पूजा की जाएगी।
रामनवमी में बन रहे ये शुभ योग
इस साल रामनवमी के दिन कई शुभ योग बन रहे है इसमें रवि पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग शामिल है। ये योग पुरे दिन बन रहेगा। इन योगों के होने के कारण ये दिन और भी ज्यादा शुभ बन गया है। इस दिन आप किसी भी समय पूजा-पाठ व अन्य शुभ काम कर सकते हैं। इस दिन लोग नए व्यवसाया का उद्घाटन और गृह प्रवेश करना भी बहुत शुभ मानते हैं।
पूजा विधि
रामनवमी के दिन सुबह उठकर स्नान करें। भगवान राम की मूर्ति स्थापित करें या फिर किसी मंदिर में जाएं। उन्हें गंगाजल, पंचामृत, फूल और फल अर्पित करें। रामचरितमानस का पाठ करें या सुनें। भगवान को पीले फलों और गेहूं के आटे से बनी पंजीरी का भोग लगाएं और आरती करें। बहुत लोग आज के दान पुण्य भी करते है। इससे भगवान की कृपा आप पर बानी रहती है।





