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Wednesday, March 4, 2026
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करवा चौथ 2021 – व्रत विधि, पूजा सामग्री, और पूजा विधि

यह त्यौहार बहुत ही उत्साह, उत्सव और उमंग के साथ मनाया जाता है। करवाचौथ उत्तर भारत में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण त्यौहार है जब विवाहित महिलाएं अपने पति की सलामती के लिए व्रत रखती हैं। और यह एक नियमित उपवास नहीं है, उन्हें एक दिन के लिए पानी और भोजन के बिना रहना पड़ता है और अंत में रात में चंद्रमा की पूजा करके उपवास तोड़ती हैं। हमारे भारतीय फिल्म उद्योग की बदौलत यह त्योहार दुनिया भर में अच्छी तरह से फैल गया है।

करवा चौथ व्रत विधि –

इस साल करवा चौथ 24 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और अपने पति की लंबी आयु की कामना करती हैं। इस दिन चंद्रमा को देखने के बाद ही व्रत खोला जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह व्रत सूर्योदय से पहले शुरू होता है और चांद देखने के बाद महिलाएं अपने पति के हाथ से पानी पीकर ही व्रत खोलती हैं। इस दिन करवा माता के साथ पूरे शिव परिवार की पूजा की जाती है।

करवा चौथ के दिन किन सामानों की पड़ती है जरूरत –

करवा चौथ में महिलाएं मिट्टी का छोटा घड़ा, गंगाजल, दीपक, रुई, अगरबत्ती, चंदन, कुमकुम, रोली, अक्षत, फूल, कच्चा दूध, दही, देसी घी, शहद, चीनी, हल्दी, चावल लेती हैं, मीठा बनाने के लिए, चीनी बोरा, मेहंदी, महावर, सिंदूर, कंगा, बिंदी, चुनरी, चूड़ी, बिछुआ, गौरी, पीली मिट्टी, लकड़ी का आसन, छलनी, हलवा और दक्षिणा आदि की आवश्यकता होती है।

करवा चौथ की पूजा विधि –

  • इस दिन सुबह जल्दी उठें यानी सूर्योदय से पहले। सरगी के रूप में भोजन करें और पानी पियें। फिर व्रत रखने का संकल्प लें। इस दिन सूर्य उगने से पहले स्नान करें।

  • सूरज उगने के बाद पूजा करें और अगरबत्ती व दीपक जलाएं। फिर मिट्टी का करवा लें और उस पर स्वास्तिक बनाएं।

  • शाम के समय करवा चौथ की पूजा करने के लिए मिट्टी से बना स्थान बनाएं और उसपर भगवान की मूर्ती रखें।

  • फिर एक थाली लें और धूप, दीप, चंदन, रोली, सिंदूर लगाएं और घी का दीपक लें। दीपक जलाएं।

  • चंद्रमा निकलने से करीब एक घंटे पहले पूजा शुरू कर देनी चाहिए। मिट्टी का पात्र लें और उसमें दूध, पानी और गुलाब जल मिलाएं।

  • इस दिन करवा चौथ की कहानी जरूर सुनें।

  • चाँद निकलने के बाद, छलनी के माध्यम से चांद को देखें। चंद्रमा की पूजा करने के बाद अर्घ्य अर्पित करें। चंद्रमा को देखने के बाद, महिला को अपने पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोलना चाहिए।

  • व्रत रखने वाली महिला को काले और सफेद कपड़े नहीं पहनने चाहिए। इस दिन लाल और पीले कपड़े पहनना शुभ होता है।

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