नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हर साल बड़ी संख्या में सुहागिन महिलाएं सावन में आनेवाले हरियाली तीज पर व्रत कर अपने पति की लंबी आयु व सुखी वैवाहिक की कामना करती है । लेकिन अब के बदलते अविवाहित कन्याएं भी योग्य जीवनसाथी की चाह में ये व्रत रखती हैं। लेकिन ये व्रत काफी कठिन होता हैक्योंकि उपवास के दौरान अन्न और जल दोनों का सेवन करना वर्जित होता है यानी ये निर्जला उपवास होता है। ऐसे में कई बार कुछ महिलाएं ये व्रत पूरा नहीं कर पाती और बीच में ही कुछ खा लेती हैं। जिससे जाने-अनजाने में उनका व्रत टूट जाता है। यदि आपसे भी हरियाली तीज का व्रत टूट जाए तो घबराएं नहीं क्योंकि कुछ उपायों को करके आप व्रत दोष से बच सकती हैं।
अगर आपसे भी हरियाली तीज का व्रत गलती में टूट गया है? तो घबराने की जरूरत नहीं है। शास्त्रों में कई ऐसे उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर आप व्रत दोष से बच सकती हैं। चलिए जानते हैं व्रत दोष से बचने के 3 प्रमुख उपायों के बारे में।
हरियाली तीज 2025 में कब है?
वैदिक पंचाग के अनुसार, सावन में आनेवाले शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि जो कि, इस बार 26 जुलाई से लेकर 27 जुलाई 2025 की रात तक रहेगी। ऐसे में उदया तिथि के आधार पर ये हरियाली तीज का व्रत 27 जुलाई 2025, वार रविवार को हरियाली तीज का व्रत रखा जाएगा। इस दिन भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा के लिए सुबह में 04:31 से लेकर 05:15 तक और शाम में 06:45 से लेकर 07:30 तक शुभ मुहूर्त है।
हरियाली तीज व्रत टूट जाए तो क्या करें?
वहीं अगर हरियाली तीज का व्रत यदि गलती से टूट जाता है तो व्रत दोष लगता है। व्रत दोष से बचने के लिए व्रती को सबसे पहले देवी पार्वती और भगवान शिव से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही कहें कि आगे से ऐसी गलती नही होगी। व पूरी विधि से पूजा करें और अगले दिन व्रत का पारण करें। ऐसा करने से आप व्रत दोष से बच सकती हैं।
यदि आपसे हरियाली तीज का व्रत टूट गया है तो अपने हाथों से मिट्टी से भगवान शिव और देवी पार्वती की मूर्ति बनाएं। और उन्हें पंचामृत से स्नान कराएं। उन्हें वस्त्र पहनाएं और श्रृंगार करें। साथ ही फूल, फल, चावल और मिठाई अर्पित करें। अब अपनी गलती के लिए माफी मांगें और रात में विधि-विधान से व्रत का पारण करें।व्रत दोष से बचने के लिए दान करना शुभ होता है। तो सच्चे मन से 7 विवाहित महिलाओं को एक-एक सुहाग की वस्तुएं उपहार दें। साथ ही भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा करें। ऐसा करने से आपको व्रत खंडित का पाप नहीं लगेगा।




