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Wednesday, March 4, 2026
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निर्जला एकादशी व्रत करते समय न करें ये गलतियां, फल से धो बैठेगें हाथ

ज्‍येष्‍ठ शुक्‍ल को पड़नेवाला एकादशी का व्रत बेहद कठिन होता है इस दिन कई सख्‍त नियमों का पालन करना होता है जिसमें ध्‍यान योग्य बातों का करे पालन एक गलती पड़ सकती है भारी।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। निर्जला एकादशी जिसे सभी व्रतो में से श्रेष्‍ठ और कठिन माना जाता है, इस दिन अन्‍न-जल कुछ भी ग्रहण नहीं किया जाता है. इसलिए इसे निर्जला एकादशी कहते है। जिसमें पानी की एक बूंद भी नही लेते । महाभारत काल में भीम समेत सभी पांडवों ने भी इस व्रत को रखा था । इसलिए इसे पांडव एकादशी या भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं. यह एकादशी व्रत करने से सभी 24 एकादशी व्रत करने जितना फल मिलता है. साथ ही सारे पापों से मुक्ति दिलाता है। आइए जानते है निर्जला एकादशी के कठिन नियम के बारे में। 

निर्जला एकादशी का व्रत बेहद कठिन होता इस दिन कई सख्‍त नियमों का पालन करते हुए ही ये व्रत फलदायी होती है, इस दिन कुछ गलतियों ना करें । इस दिन व्रत करने से व्‍यक्ति दीर्घायु होता है, व उसकी सेहत अच्‍छी रहती है। 

निर्जला एकादशी 2025 

ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पड़नेवाला एकादशी 6 जून दिन शुक्रवार को सुबह 2 बजकर 15 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 7 जून दिन शनिवार सुबह 4 बजकर 47 मिनट पर समाप्त होगी जो कि, उदयातिथि के अनुसारउपवास 6 जून को रखा जाएगा और पारण समय 7 जून को दोपहर 1 बजकर 44 मिनट से 4 बजकर 31 मिनट तक रहेगा. 

निर्जला एकादशी उपवास में क्या खाना चाहिए 

निर्जला रहकर व्रत करना संभव नही तो ऐसे में वे कुछ फलाहार ले सकते हैं। इसके लिए फल खा सकते हैं. साथ ही दूध, दही, लस्सी ड्राई फ्रूट्स का भी सेवन कर सकते हैं. हां एकादशी व्रत में नमक तो नहीं खाना चाहिए लेकिन खाएं तो सेंधा नमक ही खाएं. एकादशी व्रत में कोई भी तामसिक चीज खाने की गलती ना करें, इससे व्रत भी टूटेगा और भगवान विष्‍णु भी नाराज होगें। इसलिए व्रत में लाल मिर्च, धनिया पाउडर, हल्दी पाउडर, गरम मसाला का सेवन ना करें. ना ही कोई नशा करें. चाय-कॉफी ना पिएं। 

एकादशी के दिन ना करें ये गलतियां 

एकादशी के दिन खाना-पीना वर्जित के साथ तुलसी को स्‍पर्श करना भी वर्जित है ना तुलसी को जल चढ़ाएं ना उसके पत्‍ते तोड़ें जल चढ़ाने पत्तियां तोड़ने से उनका व्रत टूट जाता है । निर्जला एकादशी के व्रती को दशमी तिथि से ही दूसरे के घर का अन्न ग्रहण नहीं करना चाहिए। इससे आपका व्रत शुभ फल देता है। इन 3 दिन तक ब्रह्मचर्य पालन करें।

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