नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ का मेला हिंदू धर्म में इसका बहुत महत्त्व होता है।वहीं इस साल ये 13 जनवरी से शुरू होकर 26 फरवरी तक चलेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पवित्र महाकुंभ में आकर अगर आप गंगा, जमुना और सरस्वती नदियों के संगम में स्नान करते है तो इसका आपको काफी ज्यादा लाभ मिलता है आपके सभी पाप धुल जाते हैं।लेकिन अगर आप स्नान शाही तिथियों के दिन करते हैं तो इसका फल 2 दूना बढ़ जाता है। तो आइए जानते हैं कि किन तिथियों पर शाही स्नान किया जाएगा।
शाही और अमृत स्न्नान की तिथिया
मकर संक्रांति
शाही और अमृत स्न्नान की बात करें तो कुल 3 अमृत स्नान होंगे। महाकुंभ 13 जनवरी 2025 से शुरू हो गया है। ऐसे में पहला अमृत स्नान मकर संक्रांति के दिन, 14 जनवरी को होगा। मकर संक्रांति को श्रद्धालु काफी मात्रा में संगम में स्न्नान करने आते हैं। इस दिन संगम में स्नान करके दान भी दिया जाता है। मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव को भी जल अर्पित करना चाहिए।
मौनी अमावस्या
मौनी अमावस्या 29 जनवरी 2025 को मनाई जाएगी। मौनी अमावस्या सभी अमावस्या तिथि में बहुत ही खास मानी जाती है। इस दिन महाकुंभ का दूसरा शाही स्न्नान होगा। मौनी अमावस्या को लेकर हिन्दू धर्म में कहा जाता है कि प्रातः काल उठकर जो जातक बिना बोले संगम में शाही स्न्नान करते हैं उनको काफी ज्यादा लाभ होता है। उनके जीवन के सभी पापों का भी अंत हो जाता है।
बसंत पंचमी
हिंदू धर्म में बसंत पंचमी का विशेष महत्व है। ये दिन विद्या की देवी माता सरस्वती को समर्पित है। बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा और अर्चना का विधान है। आज के दिन आप माता को प्रसन्न कर सकते हैं। वहीं आज के दिन ही महाकुंभ का तीसरा और आखिरी शाही स्न्नान होगा। इस साल बसंत पंचमी का त्योहार 3 फरवरी 2025 को मनाया जाएगा।
इन तिथियों पर भी कर सकते हैं महाकुंभ में स्नान
शाही स्न्नान के अलावा भी कुछ खास तिथियां है जिस दिन आप महाकुंभ में अगर संगम में स्नान कर सकते हैं।12 फरवरी 2025 हो होने वाली माघी पूर्णिमा के दिन भी अगर स्न्नान करते हैं तो आपको अच्छा लाभ मिलता है। 26 फरवरी महाशिवरात्रि को महाकुंभ स्नान का आखिरी दिन मना जाता है। महाशिवरात्रि के दिन भोलेनाथ की पूजा अर्चना भी की जाती हैं ये दिन संगम में स्न्नान करने के लिए बहुत ही खास है। इन तिथियों के अलावा आप आज से लेकर 26 फरवरी 2025 तक किसी भी दिन महाकुंभ आकर संगम में स्नान कर सकते हैं।





