नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। जया एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन श्रद्धा और नियमों के साथ व्रत, पूजा और दान करने से जीवन के दुख-कष्ट दूर होते हैं और व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है। जया एकादशी पर दान का विशेष महत्व होता है, लेकिन अगर इस दिन गलत वस्तुओं का दान कर दिया जाए, तो पुण्य के बजाय अशुभ फल भी मिल सकता है। इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है कि जया एकादशी पर किन चीजों का दान नहीं करना चाहिए।
मांस, मछली और शराब से जुड़ी चीजें
जया एकादशी का दिन पूरी तरह सात्विक माना जाता है। इस दिन भूलकर भी मांस, मछली, अंडा या शराब जैसी तामसिक वस्तुओं का दान नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से व्रत की पवित्रता भंग होती है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त नहीं होती।
काले तिल और लोहे की वस्तुएं
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जया एकादशी के दिन लोहे से बनी वस्तुओं या काले तिल का दान करना अशुभ माना जाता है। ये वस्तुएं शनि ग्रह से जुड़ी होती हैं। इस दिन इनका दान करने से जीवन में बाधाएं आ सकती हैं और सकारात्मक ऊर्जा में कमी आने लगती है।
काले रंग की वस्तुएं
एकादशी के दिन काले रंग के कपड़े या अन्य काली वस्तुओं का दान नहीं करना चाहिए। जया एकादशी पर पीले या सफेद रंग की चीजें शुभ मानी जाती हैं, क्योंकि ये भगवान विष्णु की प्रिय मानी जाती हैं और सकारात्मक फल देती हैं।
चमड़े से बनी वस्तुएं
जूते, चप्पल, बेल्ट या किसी भी प्रकार की चमड़े से बनी वस्तु का दान जया एकादशी पर वर्जित माना गया है। यह दिन शुद्धता और संयम का प्रतीक है, इसलिए ऐसी वस्तुओं से दूरी बनाए रखना ही उचित होता है।
गलत कमाई या छल से जुड़ी चीजें
अगर कोई वस्तु झूठ, धोखा या गलत तरीके से कमाई गई हो, तो उसका दान करने से पुण्य नहीं मिलता। शास्त्रों में स्पष्ट कहा गया है कि दान हमेशा साफ मन और ईमानदारी से किया जाना चाहिए, तभी उसका फल मिलता है।
बिना नियम जाने अनाज का दान
कुछ मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन कच्चे अनाज का दान बिना नियम जाने नहीं करना चाहिए। गलत तरीके से अनाज दान करने से लाभ की जगह नुकसान हो सकता है।
जया एकादशी पर क्या करना शुभ है?
इस दिन भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा करें, तुलसी को जल अर्पित करें और जरूरतमंदों को फल, दूध, मिठाई, पीले वस्त्र या धन का दान करें। साथ ही मन, वचन और कर्म से पवित्र रहने का प्रयास करें।





