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Thursday, March 5, 2026
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आज इंदिरा एकादशी के दिन राशि अनुसार करें ये खास दान, मिलेगी पितृ ऋण से मुक्ति और पूर्वजों का आशीर्वाद

इंदिरा एकादशी आज 17 सितंबर को मनाई जा रही है , इस दिन व्रत, पूजन और पितरों के लिए तर्पण-पिंडदान से पितृ ऋण से मुक्ति मिलती है। राशि अनुसार विशेष दान करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ने वाली इंदिरा एकादशी इस आज 17 सितंबर, बुधवार को जा रही है। गरुड़ पुराण और धर्मशास्त्रों के अनुसार, इस दिन व्रत-पूजन करने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं और पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।इंदिरा एकादशी पर भगवान लक्ष्मीनारायण की पूजा के साथ पितरों का तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इस व्रत से पितृ ऋण से मुक्ति मिलती है और घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

राशि के अनुसार करें विशेष दान, पाएं कई गुना फल

ज्योतिषाचार्यों की मानें तो इस दिन राशि अनुसार विशेष वस्तुओं का दान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। आइए जानते हैं आपकी राशि के अनुसार क्या दान करें।

 मेष – गेहूं और रागी का दान करें। इससे स्वास्थ्य में सुधार और शत्रु बाधा से मुक्ति मिलती है।

 

वृषभ – चावल और आटे का दान करें। घर में अन्न और लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

 

मिथुन – गाय को हरा चारा खिलाएं। पितरों की प्रसन्नता के साथ-साथ बुद्धि का विकास होता है।

 

कर्क – सफेद कपड़ों का दान करें। इससे मानसिक शांति और पारिवारिक सौहार्द बढ़ता है।

 

सिंह – मूंगफली और गुड़ का दान करें। संतान सुख और पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

 कन्या – विवाहित महिलाओं को हरी चूड़ियां दान करें। सौभाग्य और वैवाहिक सुख में वृद्धि होती है।

 

तुला – दही, पोहा, चीनी और सफेद मिठाई का दान करें। आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।

 

वृश्चिक – सेब, शहद और गेहूं का दान करें। सेहत में लाभ और कार्यों में सफलता मिलती है।

 धनु – चने की दाल, हल्दी और मक्का का दान करें। गुरु कृपा और ज्ञान की प्राप्ति होती है।

 मकर – जूते-चप्पल और कंबल का दान करें। शनि दोष कम होता है और जीवन में स्थिरता आती है।

 

कुंभ – काले वस्त्र, काले तिल और सरसों के तेल का दान करें। पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।

 

मीन – पीले वस्त्र और बेसन के लड्डू का दान करें। भाग्य प्रबल होता है और विष्णु कृपा प्राप्त होती है।

व्रत-पूजन की सरल विधि

प्रातःकाल स्नान के बाद व्रत का संकल्प लें।

भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का पूजन करें।

घर के पितरों के नाम से तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करें।

रात्रि में विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें और जागरण करें।

अगले दिन द्वादशी पर व्रत का पारण करें।

 विशेष ध्यान रखें

 दान हमेशा श्रद्धा से करें।

 वस्त्र या खाद्य सामग्री साफ-सुथरी होनी चाहिए।

 पितरों का स्मरण कर हृदय से आभार प्रकट करें।

इंदिरा एकादशी का ये व्रत न केवल आपको पितरों का आशीर्वाद दिलाएगा, बल्कि जीवन में आ रही कई परेशानियों से छुटकारा भी दिला सकता है।

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