नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। क्रिसमस का नाम आते ही आंखों के सामने सांता क्लॉज, चमकती लाइटें, केक और कैरोल्स की तस्वीर उभरती है, लेकिन दुनिया के हर कोने में यह त्योहार एक जैसा नहीं मनाया जाता। कहीं इसे आस्था और मान्यताओं से जोड़ा गया है तो कहीं बच्चों के अच्छे व्यवहार की कसौटी बनाया गया है। दुनिया के कई देशों में क्रिसमस से जुड़ी परंपराएं इतनी अनोखी हैं कि पहली बार सुनने वाला हैरान रह जाए।
नॉर्वे: बुरी आत्माओं से बचने के लिए झाड़ू छुपाने की परंपरा
नॉर्वे में क्रिसमस से पहले लोग अपने घरों के झाड़ू और पोंछे छुपा देते हैं। यहां मान्यता है कि क्रिसमस की रात बुरी आत्माएं धरती पर लौट आती हैं और झाड़ू उनका पसंदीदा साधन होता है। ऐसे में झाड़ू छुपाकर लोग बुरी शक्तियों को घर से दूर रखने की कोशिश करते हैं।
आइसलैंड: 13 दिन चलता है क्रिसमस
आइसलैंड में क्रिसमस एक दिन नहीं बल्कि पूरे 13 दिनों तक मनाया जाता है। इस दौरान बच्चे हर रात अपने जूते खिड़की के पास रखकर सोते हैं। अच्छे व्यवहार वाले बच्चों को मिठाइयां मिलती हैं, जबकि शरारती बच्चों के जूतों में सड़ा आलू डालने की परंपरा है।
कनाडा: सांता क्लॉज को भेजी जाती हैं चिट्ठियां
कनाडा में क्रिसमस का खास आकर्षण सांता क्लॉज से जुड़ा है। यहां माना जाता है कि सांता का घर कनाडा में है। बच्चे पोस्ट के जरिए सांता को पत्र भेजते हैं और खास बात यह है कि सरकारी डाक सेवा के जरिए बच्चों को सांता की ओर से जवाब भी भेजा जाता है।
यूक्रेन और पोलैंड: पहले तारा दिखे, तभी खुले तोहफे
यूक्रेन और पोलैंड में क्रिसमस पर उपहार खोलने की भी एक खास परंपरा है। घर का सबसे छोटा बच्चा आसमान में पहले तारे के दिखाई देने का इंतजार करता है, जिसे ‘गाइडिंग स्टार’ कहा जाता है। पहला तारा दिखते ही गिफ्ट खोलने की अनुमति मिलती है।
फिनलैंड: बादाम वाला दलिया
फिनलैंड में क्रिसमस की सुबह दूध और चावल से बना पारंपरिक दलिया खाया जाता है। इसमें एक बादाम छुपाया जाता है। माना जाता है कि जिसे बादाम मिल जाए, वह पूरे साल भाग्यशाली रहता है। बच्चों की खुशी के लिए कई परिवार जानबूझकर उनकी प्लेट में बादाम रख देते हैं।
यूक्रेन: मकड़ी के जाल से सजा क्रिसमस ट्री
यूक्रेन में क्रिसमस ट्री पर चमकदार मकड़ी के जाल जैसे आभूषण सजाए जाते हैं। एक लोककथा के अनुसार, एक गरीब महिला का पेड़ मकड़ी के जाल से ढक गया था, जो सूरज की रोशनी में सोने की तरह चमक उठा। तभी से इसे सौभाग्य का प्रतीक माना जाने लगा।
फिलीपींस: लालटेन से रोशन होती है ‘क्रिसमस कैपिटल’
फिलीपींस के सैन फर्नांडो शहर में हर साल भव्य लैंटर्न फेस्टिवल आयोजित किया जाता है। विशाल और रंग-बिरंगी लालटेन बेथलहम के तारे का प्रतीक मानी जाती हैं। इसी कारण इस शहर को ‘क्रिसमस की राजधानी’ कहा जाता है।
परंपराओं में छुपा है उत्सव का असली रंग
दुनिया भर में क्रिसमस भले ही अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता हो, लेकिन इन सभी परंपराओं का मकसद एक ही हैखुशियां बांटना, उम्मीद जगाना और परिवार के साथ जश्न मनाना।





