नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में शाही स्नान कल यानि मौनी अमावस्या के दिन होगा। वहीं अब को बता दें कि इस बार 144 वर्षों बाद महाकुंभ का शुभ आयोजन हो रहा है। ऐसे में हर कोई संगम नगरी में स्नान करने के लिए आना चाहता हैं। अगर आप भी मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान करने प्रयागराज महाकुंभ आ रहे हैं, तो आपके पास यहां तक पहुंचने के लिए सही निर्देश का होगा बहुत जरूरी है ताकि यात्रा के दौरान कोई परेशानी न हो।
भारती रेलवे ने चलाई स्पेशल ट्रेन
मौनी अमावस्या के दिन रिपोर्ट्स के अनुसार 10 करोड़ लोगों के पहुंचने की उमीदें लगाई जा रही है। इसके लिए उनकी आवाजाही को आसान बनाने के लिए रेलवे ने भी हजारों स्पेशल ट्रेनें चला रखी हैं। यह ट्रेनें प्रयागराज के अलग-अलग स्टेशनों पर रुकती हैं। तो अगर आप कल मौनी अमावस्या दिन महकुंभ जाने का सोच रहे हैं तो अपने नजदीकी रेलवे स्टेशन जा कर ट्रेने के बारे में पता कर सकते हैं। ताकि आपको आने और फिर वापस जाने में कोई दिक्कत न हो।
प्रयागराज के रेलवे स्टेशन में विशेष व्यवस्था
महाकुंभ के नजदीक कई स्टेशन है। इस लिस्ट में प्रयागराज जंक्शन, फाफामऊ, प्रयाग जंक्शन, प्रयागराज संगम, झूंसी, प्रयागराज छिंवकी, नैनी, प्रयागराज रामबाग और सूबेदार गंज रेलवे स्टेशन का नाम शामिल है। प्रयागराज का सबसे बड़ा स्टेशन प्रयागराज जंक्शन ही है। आने वाली ज्यादातर ट्रेनें यहीं रुकती हैं। इस स्टेशन से संगम की दूरी 11 किलोमीटर है। यहां उतरने के बाद आपको ऑटो और ई-रिक्शा मिल जाएगा लेकिन फिर भी आपको 7 से 8 किलोमीटर पैदल चलना ही होगा। यहीं हाल प्रयागराज के हर रेलवे स्टेशन के बाहर से होगा। इसके अलावा अगर आप बस या फिर हवाई मार्ग से आने का सोच रहे हैं तब भी पैदल तो चलना ही होगा।
शहर में गाड़ियों की नो एंट्री
अगर आप मौनी अमावस्या के दिन अपनी निजी गाड़ियों से आने का सोच रहे है तो इसको लेकर थोड़ा सावधानी रखनी होगी। क्योंकि शहर में गाड़ियों की नो एंट्री लगा दी जाएगी। यानि मेला से 7 से 8 किलोमीटर पहले ही गाड़ियों को रोक दिया जायेगा। हालांकि इसकी पार्किंग की भी खास व्यवस्था बनाई गई है। लेकिन फिर भी संगम नदी तक पहुंचने के लिए आपको पैदल ही कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ेगा।





