नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। होली के दिन सब मिलजुल कर रंग खेलते हैं। अच्छे-अच्छे पकवान बनाते हैं और मिल बांट के खाते हैं। होली के दिन रंगों का खास महत्त्व होता है। इस लिए हर किसी को रंग खेलना चाहिए। लेकिन आप अभी तक होली की डेट को लेकर कन्फ्यूज हो रहे हैं की होली कब है? तो चलिए हम आपको होली पर्व से जुड़ी सारी जानकरी बताते हैं।
होलिका दहन व रंगोत्सव समय
होली से1 दिन पहले रात में लोग होलिका दहन करते हैं। इसके बाद ही दूसरे दिन होली का रंग उत्सव मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को होलिका दहन होता है और अगले दिन रंगवाली होली खेली जाती है। होलिका दहन इस साल 13 मार्च की रात को होगा और अगले दिन 14 मार्च को होली खेली जाएगी। वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा 13 मार्च सुबह 10 बजकर 35 मिनट शुरू होगी और 14 मार्च दोपहर 12 बजकर 23 मिनट पर समाप्त होगी। उदयातिथि के कारण होली 14 मार्च को है।
होलिका दहन का मुहूर्त
होलिका दहन 13 मार्च को देर रात होगा। हालांकि इसके लिए सही मुहूर्त का भी ध्यान रखा जाता है। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रात 11 बजकर 26 मिनट से लेकर रात 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इसी समय होलिका दहन किया जाएगा। होलिका दहन करने से पहले इसकी पूजा अर्चन भी की जाती है। सबसे पहले गाय के गोबर से होलिका और प्रहलाद की मूर्ति बनाकर एक थाली में रखा जाता हैं। इसके बाद उनकी विधि विधान से पूजा ककी जाती है।
होली का त्योहार आते ही सबके घरों में तैयारियां शुरू हो जाती हैं। लोग अपने घर में साफ-सफाई करते हैं और रंगों का उत्सव मानते हुए ये त्योहार मानते हैं। इसके साथ ही होली पर लोग गुझिया भी बनाते हैं। ये त्योहार रंगों का भी प्रतिक कहलाता हैं इस लिए लोग इस दिन शाम को एक दूसरे के घर जाते हैं उनसे मिलते हैं और उन्हें रंग गुलाल लगाते हैं।





