नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हर साल फाल्गुन माह में मनाया जाने वाला पर्व होली जिसे सभी लोग बेहद उत्साह के साथ मनाते है। जिसमें सभी लोग आपसी बैर को भुलाकर एक दूसरे को गले मिलते व रंग लगाते हैं, होली से एक दिन पहले होलिका दहन का पर्व मनाया जाता है। लेकिन इस होलिका दहन से 8 दिन पहले ही होलाष्टक लगते हैं। जिसमें सभी मांगलिक कार्यो पर रोक लग जाती है। जानिएं इस बार कब से लग रहा ये होलाष्टक?
इन शुभ कार्यो पर रोक लग जाती है
होली त्योहार का सभी को बेसब्री से इंतजार रहता है। रंगों के इस त्योहार को मनाने से पहले ही कुछ शुभ कार्यो को करने होली से आठ दिन पहले ही इन शुभ कार्यो पर रोक लग जाती है। जिसमें मांगलिक कार्य भी होते है शामिल। बता दे कि,होली खेलने से आठ दिन पहले से नकारात्मक शक्तियां हावी होती है। जिसमें कोई भी शुभ कार्य करना परेशानी को बुलावा होता है। इस साल 14 मार्च को होली पड़ रही है, वहीं होलाष्टक इसके ठीक आठ दिन पहले यानी 7 मार्च यानि आज से शुरू हो रहा है। जो होली से ठीक एक दिन पहले ही 13 मार्च को समाप्त होगा।
होलाष्टक के दौरान नहीं करना चाहिए ये काम
इस दौरान कुछ कार्यों के करने की मनाही होती है। आइएं जानते हैं उन कार्यों के बारे में जिन्हें होलाष्टक के दौरान नहीं करना चाहिए।
इस होलाष्टक में सगाई, शादी, बच्चे का नामकरण, मुंडन संस्कार, गृह प्रवेश और जनेऊ संस्कार नई नौकरी आदि शुभ अनुष्ठान कार्य नहीं करने चाहिए। यदि आप इस होलाष्टक के दौरान कोई मांगलिक कार्य करते हैं तो इससे आपको धन हानि का सामना भी करना पड़ सकता है। वहीं घर-परिवार में भी आपसी मतभेद पारिवारिक कलह भी बढ़ सकते है।होलाष्टक के दौरान खुद का मकान, कोई अन्य संपत्ति, जेवर, पूजा से संबंधित सामग्री औरनया वाहन इत्यादि चीजों की खरीदारी नहीं करनी चाहिए।इससे आपको आगे पैसों की कमी का सामना करना पड़ सकता है। इन दिनों में हवन, यज्ञ आदि पूजा नहीं करनी चाहिए।होलाष्टक के दौरान कोई नई नौकरी भी जॉइन नहीं करनी चाहिए।होलाष्टक के दौरान किसी से लेनदेन से भी बचने चाहिए । फिर वो कर्ज लेना हो या देना। इससे मां लक्ष्मी भी रूठ सकती है, जिसके कारण आपको आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
होलाष्टक के इन आठ दिनों में प्रह्लाद को यातनाएं दी गई थी
धार्मिकग्रंथों के अनुसार, होलाष्टक के इन आठ दिनों में विष्णु भक्त प्रह्लाद को उनके पिता हिरण्यकश्यप द्वारा बंदी बनाया गया था, जिसमें जान से मारने तरह-तरह की यातनाएं दी गई थी, इसलिए आठ दिनों को अशुभ माना जाता है, इस दिन अलग-अलग ग्रह उग्र रूप में होते हैं।
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