नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। गणपति बप्पा के भक्तों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। मुंबई के लालबाग इलाके में स्थापित होने वाले ‘लालबागचा राजा’ की पहली झलक मंगलवार को सामने आ गई। और जैसे ही बप्पा के दर्शन हुए, मानो आस्था का सागर उमड़ पड़ा हो। सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें, हर चेहरे पर उत्साह और आंखों में बप्पा का दीदार करने की ललक साफ नजर आई।
हर साल की तरह इस बार भी ‘लालबागचा राजा’ का रूप इतना भव्य और आकर्षक है कि जिसे देख हर कोई कह उठा, बप्पा मोरया! पहली झलक में ही खींच लिया दिल जिसमें भव्य पंडाल, सुनहरी सजावट और 20 फीट ऊंची गणपति प्रतिमा ‘लालबागचा राजा’ के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि इस साल भी बप्पा का रूप बेहद अलौकिक और मन को शांति देने वाला है। जैसे ही पर्दा हटा और बप्पा के दर्शन हुए, श्रद्धालु जयकारों में डूब गए।
हर साल की तरह इस बार भी ‘लालबागचा राजा’ का रूप इतना भव्य और आकर्षक है कि जिसे देख हर कोई कह उठा, बप्पा मोरया! पहली झलक में ही खींच लिया दिल जिसमें भव्य पंडाल, सुनहरी सजावट और 20 फीट ऊंची गणपति प्रतिमा ‘लालबागचा राजा’ के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि इस साल भी बप्पा का रूप बेहद अलौकिक और मन को शांति देने वाला है। जैसे ही पर्दा हटा और बप्पा के दर्शन हुए, श्रद्धालु जयकारों में डूब गए।
इतिहास से जुड़ी है आस्था की यह परंपरा
बता दें, लालबागचा राजा की स्थापना पहली बार वर्ष 1934 में की गई थी। तब से लेकर आज तक यह पंडाल मुंबई गणेश उत्सव की पहचान बन चुका है। लाखों श्रद्धालु हर साल यहां अपनी मुरादें लेकर आते हैं और मानते हैं कि बप्पा उनकी हर इच्छा पूरी करते हैं।
आस्था ऐसी कि घंटों लाइन में लगे रहना भी लगे प्रसाद जैसा
पंडाल में दर्शन के लिए लोगों की भीड़ सुबह से ही लगनी शुरू हो गई थी। भीड़ इतनी जबरदस्त कि कई किलोमीटर तक लाइनें दिखीं, लेकिन न कोई शिकायत, न कोई थकान बस श्रद्धा और भक्ति में डूबे चेहरे। एक बुजुर्ग भक्त ने कहा, हर साल आता हूं, जब तक बप्पा के दर्शन न हो जाएं, चैन नहीं मिलता।
मुंबई में दिखा उत्सव का रंग, गूंजे ढोल-ताशे
गणेश चतुर्थी के मौके पर मुंबई पूरी तरह रंग-बिरंगी रोशनी में डूब गई है। गलियों से लेकर बाजारों तक, हर जगह सजावट, ढोल-नगाड़े और भक्ति गीतों की गूंज सुनाई दे रही है। बच्चों की टोलियां, महिलाएं थाल सजाए, और जगह-जगह प्रसाद वितरण शहर जैसे जीवंत हो उठा है।
दर्शन के लिए खास इंतजाम
इस बार आयोजकों की ओर से ऑनलाइन दर्शन की सुविधा भी दी गई है ताकि जो भक्त दूर हैं, वो भी अपने बप्पा का दर्शन कर सकें। वहीं सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है।
27 अगस्त से शुरू होंगे विधिवत पूजन
इस साल गणेश चतुर्थी का शुभारंभ 27 अगस्त को हो रहा है और 6 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन बप्पा को विदाई दी जाएगी। लेकिन उससे पहले, देशभर से लाखों श्रद्धालु मुंबई में बप्पा का आशीर्वाद लेने पहुंचेंगे।
एक ही गूंज गणपति बप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया!
‘लालबागचा राजा’ न सिर्फ गणेशोत्सव का केंद्र है, बल्कि देशभर की आस्था का प्रतीक बन चुका है। यहां बप्पा के दरबार में सिर्फ मनोकामनाएं नहीं, विश्वास और उम्मीदें भी रखी जाती हैं।




