नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। दिवाली का पर्व बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता हैं। इस दिन घर में माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है ताकि घर परिवार में सुख-समृद्धि आए। इसलिए दिवाली के दिन शुभ मुहूर्त का बड़ा ही महत्त्व होता है। इस साल दिवाली का पर्व 31 अक्टूबर को मनाया जाएगा। पर्व के दिन विशेष पर लक्ष्मी पूजन का प्रमुख समय प्रदोष काल माना जाता है। तो चलिए पूजा का सही समय और विधि जानते हैं।
दिवाली पूजा का शुभ मुहूर्त
दिवाली की पूजा दिन ढलने के बाद यानी प्रदोष काल में की जाती है। दिवाली को प्रदोष काल की शुरुआत शाम 5 बजकर 36 मिनट से लेकर 8 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। वहीं वृषभ लग्न की शुरुआत शाम 6 बजकर 25 मिनट पर और समापन रात 8 बजकर 20 मिनट तक पर होगा। ऐसे में लक्ष्मी पूजन 6 बजकर 25 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 20 मिनट के बीच करना शुभ होगा।
पूजा विधि
दिवाली के दिन आपको सुबह जल्दी उठान चाहिए। माता लक्ष्मी की पूजा से पहले आपको अपने घर की भी पूजा अर्चना करना चाहिए। दिवाली साफ सफाई वाला त्योहार भी माना जाता है। इसलिए दिवाली पूजा विधि में हमें खास ध्यान देना चाहिए। पूजा करते समय सबसे पहले आप पूजा स्थल को अच्छी तरह से साफ कर लें। फिर चौकी पर लक्ष्मी गणेश की मूर्ति स्थापित करें। पूजा स्थान पर गंगाजल छिड़के, इसके बाद चौकी पर भी थोड़ा सा गंगाजल छिड़के। हाथ में लाल या पीले फूल लेकर गणेश जी का ध्यान करें। गणेश जी को तिलक लगाए और उन्हें मोदक अर्पित करें। माता लक्ष्मी को सिंदूर का तिलक लगाए और मां लक्ष्मीा के मंत्र का जाप करें। इसके बाद प्रसाद सामग्री को चढ़ाएं। पूजन के बाद माता लक्ष्मी और गणेश जी की आरती करें और भोग अर्पित करें। लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा के बाद दीप जलाएं। अंत में आरती को पूरे घर में घुमाएं। और मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त करें।





