नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। चैत्र नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की विशेष आराधना की जाती है। भक्त अपनी-अपनी श्रद्धानुसार मां दुर्गा की आराधना के साथ व्रत रखते हैं। नौ दिनों के व्रत का समापन रामनवमी के दिन होता है। इस साल चैत्र नवरात्र की शुरूआत 30 मार्च से हुई थी। जिसका समापन 6 अप्रैल को रामनवमी के दिन होगा। भक्त अष्टमी व नवमी तिथि पर मां की विशेष पूजन अर्चना कर कन्या पूजन भी करेंगे। नवरात्रि व्रत का पारण अष्टमी व नवमी तिथि पर कन्या पूजन के साथ ही किया जाता है, ऐसे में इस वर्ष अष्टमी-नवमी तिथि को लेकर भक्तों में असमंजस बना हुआ है। तो जानिए सही तिथि व शुभ मुहूर्त
कब है अष्टमी तिथि ?
चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 4 अप्रैल को रात 8 बजकर 12 मिनट पर होगी। वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन 5 अप्रैल को रात 7 बजकर 26 मिनट पर है। उदया तिथि के मुताबिक अष्टमी 5 अप्रैल शनिवार के दिन मनाई जाएगी। ऐसे में अष्टमी तिथि मनाने वाले भक्त शनिवार को कन्या पूजन कर विशेष लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
कब है नवमी तिथि ?
चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 5 अप्रैल को रात 7 बजकर 26 मिनट पर शुरु होगी, इसका समापन अगले दिन अप्रैल 2025 को रात 07 बजकर 22 मिनट पर है। ऐसे में 6 अप्रैल को रामनवमी मनाई जाएगी। भक्त इस तिथि पर भी कन्या पूजन के साथ अपने व्रत का पारण भी कर सकते हैं।
अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन का मुहूर्त
– ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04 बजकर 35 मिनट से 05:21 मिनट तक
– प्रातः सन्ध्या – सुबह 04 बजकर 58 मिनट से 06:07 मिनट तक
– अभिजित मुहूर्त – सुबह 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 49 मिनट तक
नवमी तिथि पर कन्या पूजन का मुहूर्त
– ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04 बजकर 34 मिनट से 05:20 मिनट तक
– प्रातः सन्ध्या – सुबह 04 बजकर 57 मिनट से 06:05 मिनट तक
– अभिजित मुहूर्त- सुबह 11 बकर 58 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक




