नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा अर्चना की जाती है। वहीं पसंद लक्ष्मी का दूसरा नाम ऋषि पंचमी है। इसे कई जगह ऋषि पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि आज के दिन माता सरस्वती की पूजा अर्चना करने से आपके जीवन में ज्ञान का संचार होता है। माता की कृपा पर बनी रहती है। बसंत पंचमी के दिन गंगा स्नान करने का भी महत्व होता है। गंगा स्नान करके दान देने से आपके जीवन में माता सरस्वती की कृपा बनी रहती है।
बसंत पंचमी के दिन पीले कपड़े का महत्व
बसंत पंचमी को माता सरस्वती की पूजा की जाती है। इसके साथ ही आज के दिन पीले कपड़े पहनने का भी महत्व है। आपको बता दें कि पीला रंग माता सरस्वती को अधिक प्रिय है। इसलिए बसंत पंचमी की पीला रंग पहना जाता है। इसके साथ ही शास्त्र में बताया गया है कि पीला रंग काफी शुभ माना जाता है।अक्सर पूजा-पाठ में पीला रंग का कपड़ा ही बिछाया जाता है। वहीं बसंत पंचमी के दिन सरस्वती माता को पीला वस्त्र ही पहनाएं। इसके अलावा पीला रंग का भोग लगाएं और पीला फूल ही उन्हें अर्पित करें।
इस दिन मनाया जाएगा बसंत पंचमी का पर्व
हिंदू शस्त्र के अनुसार बसंत पंचमी का पर्व हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन मनाया जाता है. इस साल इस तिथि की शुरुआत 2 फरवरी 2025 को सुबह 9 बजकर 14 मिनट पर होगा. इसका समापन 03 फरवरी को प्रातः 06 बजकर 52 मिनट पर होगा। ऐसे में बसंत पंचमी का पर्व इस बार 2 फरवरी 2025 को मनाया जाएगा। मान्यता है कि माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मां सरस्वती प्रकट हुई थी। इसीलिए इस तिथि को बसंत पंचमी के पर्व के रूप में मनाया जाता है।
शुभ मुहूर्त
हिन्दू पंचांग के अनुसार साल 2025 में बसंत पंचमी का त्योहार 2 फरवरी को मनाया जाएगा। इस दिन सरस्वती पूजा का मुहूर्त प्रातः 07 बजकर 08 मिनट से आरंभ होगा और दोपहर 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। आज के गाना स्नान करने के बाद दान देने का बह काफी महत्त्व होता है। वहीं इस समय प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के दौरान अगर आप बसंत पंचमी के दिन संगम में स्नान करते हैं तो विशेष फल प्राप्त होता है।





