नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। 6 सितंबर 2025 को पड़ने वाली अनंत चतुर्दशी का पर्व इस बार बेहद खास रहने वाला है। हिंदू धर्म में इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा की जाती है, और उनके प्रतीक ‘अनंत सूत्र’ यानी अनंत डोरा बांधने की परंपरा है। मान्यता है कि यह डोरा सिर्फ आस्था का धागा नहीं, बल्कि आपके जीवन के कष्टों को दूर करने वाला रक्षा-कवच है।राशि अनुसार बांधें अनंत डोरा, मिलेगी देवी-देवताओं की कृपा और ग्रहों का शुभ फल
हर राशि के लिए अलग रंग और मंत्र बताए गए हैं, जिन्हें सही विधि से बांधने पर मां लक्ष्मी और भगवान नारायण की विशेष कृपा मिलती है। साथ ही, ग्रहों की अशुभता भी दूर होती है। आइए जानते हैं आपकी राशि के अनुसार किस रंग का अनंत डोरा बांधना चाहिए और कौन सा मंत्र जपना है।
मेष और वृश्चिक राशि
डोरे का रंग: लाल
मंत्र: ॐ पधाय नमः
विशेष लाभ: मंगल की कृपा से साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि
वृषभ, कर्क और तुला राशि
डोरे का रंग: सफेद (हल्दी से हल्का पीला कर लें)
मंत्र: ॐ शिखिने नमः
विशेष लाभ: शुक्र की कृपा से प्रेम, सौंदर्य और वैवाहिक सुख में वृद्धि
मिथुन और कन्या राशि
डोरे का रंग: हरा
मंत्र: ॐ देवादिदेव नमः
विशेष लाभ: बुध की कृपा से बुद्धि, वाणी और निर्णय क्षमता में सुधार
सिंह राशि
डोरे का रंग: नारंगी
मंत्र: ॐ अनंताय नमः
विशेष लाभ: सूर्य की कृपा से आत्मबल और नेतृत्व क्षमता में बढ़ोतरी
धनु और मीन राशि
डोरे का रंग: पीला
मंत्र: ॐ रत्ननाभः नमः
विशेष लाभ: बृहस्पति की कृपा से ज्ञान, धन और सुख में वृद्धि
मकर और कुंभ राशि
डोरे का रंग: नीला या पीला
मंत्र: ॐ श्री विष्णवे नमः
विशेष लाभ: शनि की कृपा से स्थिरता, अनुशासन और बाधाओं से मुक्ति
कैसे करें अनंत सूत्र धारण?
डोरे में 14 गांठ लगाएं — यह भगवान विष्णु के 14 लोकों का प्रतीक है।
पुरुष इसे दाएं हाथ पर और महिलाएं बाएं हाथ पर बांधें।
मंत्र का उच्चारण करते समय श्रद्धा और विश्वास रखें।
क्या लाभ होते हैं अनंत डोरा बांधने से?
जीवन में चल रही वित्तीय परेशानियों, मानसिक तनाव और ग्रह दोषों से मुक्ति मिलती है।
विवाह, करियर और संतान से जुड़े संकटों में भी राह आसान होती है।
इस अनंत चतुर्दशी पर अपने लिए और परिवार के लिए करें विशेष उपाय, और अनुभव करें जीवन में आ रहे चमत्कारी बदलाव।





