नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । भक्ति और तपस्या के पावन महीने भाद्रपद की शुरुआत के साथ ही श्रद्धालुओं में उमंग की लहर दौड़ पड़ी है। इस माह की एकादशियां विशेष पुण्यफल देने वाली मानी जाती हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अजा एकादशी 2025 आखिर 18 अगस्त को मनाई जाएगी या 19 अगस्त को? व्रत रखने वाले भक्तों के लिए यह जानकारी बेहद जरूरी है।भक्ति और आध्यात्म के पर्व अजा एकादशी 2025 पर इस बार कई शुभ संयोग बन रहे हैं। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि, जो कि भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को समर्पित है, इस वर्ष खास ज्योतिषीय योगों से युक्त रहेगी।
ज्योतिषाचार्यों की मानें तो इस एकादशी पर बनने वाले विशेष योगों में व्रत, पूजा-पाठ और दान करने से साधक को अकल्पनीय पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन लक्ष्मी नारायण की आराधना करने से संपत्ति, समृद्धि और सौभाग्य में वृद्धि होती है, वहीं व्रत रखने से जीवन की हर मनोकामना पूर्ण होती है।
पौराणिक मान्यता है कि अजा एकादशी व्रत से पूर्व जन्म के पाप नष्ट होते हैं, और व्यक्ति धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष—इन चारों पुरुषार्थों को प्राप्त करता है।इस बार की अजा एकादशी पर बनने जा रहे हैं शुभ योग, जो इस दिन को और भी अधिक प्रभावशाली बना रहे हैं। ऐसे में भक्तों के लिए यह एक श्रेष्ठ अवसर है कि वे श्रद्धा और संकल्प के साथ इस दिन उपवास करें और प्रभु की आराधना में लीन हों, तो इस अजा एकादशी पर करें संकल्प, उठाएं दिव्य योगों का लाभ, और पाएं जीवन में सुख-शांति का वरदान।
कब है अजा एकादशी? जानिए तिथि और समय
पंचांग के अनुसार, अजा एकादशी की शुरुआत 18 अगस्त 2025, शाम 05 बजकर 22 मिनट पर हो रही है, और इसका समापन 19 अगस्त, दोपहर 03 बजकर 32 मिनट पर होगा। चूंकि सनातन परंपरा में उदया तिथि (सूर्योदय वाली तिथि) को मान्यता दी जाती है, इसलिए इस साल अजा एकादशी का व्रत मंगलवार, 19 अगस्त 2025 को ही रखा जाएगा।
अजा एकादशी का महत्व
अजा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक व्रत करने और प्रभु की आराधना करने से पूर्व जन्मों के पाप भी कट जाते हैं और जीवन में सुख, सौभाग्य और समृद्धि का वास होता है। विशेष रूप से मां लक्ष्मी की कृपा से धन-धान्य और संतोष की प्राप्ति होती है।
व्रत पारण का शुभ समय – 20 अगस्त को करें पारण
एकादशी व्रत के नियमों के अनुसार, व्रत का पारण यानी समापन द्वादशी तिथि को किया जाता है। इस बार द्वादशी तिथि 20 अगस्त को होगी।
पारण का शुभ मुहूर्त:
20 अगस्त 2025, सुबह 05:15 से 07:49 बजे तक
इस अवधि में व्रत खोलना शुभ माना गया है।
टिप: पारण से पहले स्नान करके विष्णु-लक्ष्मी की पूजा करें, और फिर जरूरतमंदों को अन्न-धन का दान अवश्य करें। यही एकादशी की पूर्णता है।
क्या कहती है पुराणों की कथा?
पौराणिक कथाओं के अनुसार, अजा एकादशी व्रत का पालन करने से राजा हरिशचंद्र को भी अपना खोया हुआ राज्य, पत्नी और पुत्र वापस मिले थे। इसलिए इसे मनोकामना पूर्ति वाली एकादशी भी कहा जाता है।
अवसर तिथि दिन समय
अजा एकादशी व्रत 19 अगस्त 2025 मंगलवार पूरे दिन
व्रत पारण 20 अगस्त 2025 बुधवार सुबह 05:15 से 07:49
तो आप भी तैयार हो जाइए अजा एकादशी के पावन व्रत और पूजा के लिए, भगवान विष्णु की भक्ति से अपने जीवन को करें आलोकित, और पाएं सुख-समृद्धि का वरदान।




