Shaniwar Mantra: शनि देव को प्रसन्न करने के लिए इन चमत्कारी मंत्रों का करें जाप, बनेंगे हर बिगड़े काम

शनि देव अगर प्रसन्न न हो तो हर काम बिगड़ने लगता है। इसलिए उन्हें प्रसन्न करने के लिए उनकी पूजा अर्चना करते रहना चाहिए।
Mantra of  Shanidev
Mantra of Shanidevwww.raftaar.in

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। कुंडली में शनि की दशा खराब होने से व्यक्ति के जीवन में कई प्रकार की परेशानियां आ जाती है। जिनके कारण वह अपने काम और गृहस्थ जीवन में असफलता प्राप्त करने लगता है। इसीलिए शनिवार के दिन शनि देव की पूजा अर्चना करते समय उनके चमत्कारी मंत्रों का भी जब करना चाहिए। ऐसा करने से भगवान की कृपा आप पर बनी रहती है।

इस प्रकार करें शनि देव की पूजा

शनिवार के दिन आप प्रातः काल उठकर स्नान करके शनि देव की मंदिर जाएं। उन्हें काले तिल, काली उड़द चढ़कर उनकी पूजा करें और अपने घर परिवार की शांति के लिए प्रार्थना करें। शनि देव को मदार का फूल बहुत ही प्रिय लगता है। इसीलिए पूजा करते समय इस फूल को अर्पित जरूर करें। आज के दिन आपको शनि यंत्र की भी पूजा करनी चाहिए। पूजा करते समय कोशिश करें कि आप काले वस्त्र ही धारण करें क्योंकि शनि देव को काला रंग बहुत प्रिय हैं।

शनि देव को प्रसन्न के उपाय

शनि देव को प्रसन्न करने के लिए आज के दिन शनि यंत्र की पूजा की जाए तो इससे शनि देव की कृपा बरसती है। शनि देव के बुरे प्रभाव को शांत करने के लिए भी शनिवार के दिन शनि यंत्र की पूजा की जाती है। इस दिन काली गाय को उड़द की दाल या तिल खिलाएं। ऐसा करने से आपके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।

इन मंत्रों का करें जाप

ॐ शं शनिश्चराय नम:

ऊँ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम ।

उर्वारुक मिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात ।

ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।शंयोरभिश्रवन्तु नः। ऊँ शं शनैश्चराय नमः।

ऊँ नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्‌।छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्‌।

ऊँ शन्नो देवीरभिष्टडआपो भवन्तुपीतये।

ऊँ शं शनैश्चाराय नमः।

शनिचर पुराणोक्त मंत्र

सूर्यपुत्रो दीर्घेदेही विशालाक्ष: शिवप्रिय:द

मंदचार प्रसन्नात्मा पीडां हरतु मे शनि:।

ॐ प्रां. प्रीं. प्रौ. स: शनैश्चराय नम:।

अन्य ख़बरों के लिए क्लिक करें - www.raftaar.in

डिसक्लेमर

इस लेख में प्रस्तुत किया गया अंश किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की पूरी सटीकता या विश्वसनीयता की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारियां विभिन्न स्रोतों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/प्रामाणिकताओं/धार्मिक प्रतिष्ठानों/धर्मग्रंथों से संग्रहित की गई हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य सिर्फ सूचना प्रस्तुत करना है, और उपयोगकर्ता को इसे सूचना के रूप में ही समझना चाहिए। इसके अतिरिक्त, इसका कोई भी उपयोग करने की जिम्मेदारी सिर्फ उपयोगकर्ता की होगी।

Related Stories

No stories found.