नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। आज सफला एकादशी के दिन विष्णु भगवान की पूजा अर्चना होती है।आपको बता दें कि एकादशी भगवान विष्णु जी को समर्पित मानी जाती है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु की कृपा से व्यक्ति के जीवन से सभी तरह के कष्ट, दरिद्रता और नकारात्मकता दूर हो जाती है। इस साल की पड़ने वाली एकादशियों में से यह आखिरी एकादशी है। आज के दिन पूजा अर्चना करके और विष्णु भगवान के कुछ चमत्कारी मंत्रों के जाप करके आप उनकी कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
पूजा विधि
आज के दिन आपको सुबह जल्दी उठकर अपना पूरा घर साफ कर लेना चाहिए मंदिर भी साफ करना चाहिए फिर उसके बाद नहा कर विष्णु भगवान की पूजा अर्चना में आपको लग जाना चाहिए आज विष्णु भगवान के साथ माता लक्ष्मी की भी पूजा अर्चना कर सकते हैं।इस दिन गन्ने, सिंघारा, विभिन्न प्रकार के फलों से पूजा की जाती है और गन्ने का पहली बार विधि-विधान से सेवन भी शुरू किया जाता है। अगला एकादशी के दिन भगवान विष्णु को तुलसी, तिल, केले, हलवा, पीले वस्त्र,ये वस्तुएं चढ़ाई जाती हैं।इस दिन एक चौकी पर भगवान विष्णु के शालीग्राम स्वरूप को रखकर उनकी पूजा की जाती है।भगवान को जनेऊ और नए वस्त्र अर्पित किए जाते हैं।
इन मंत्रों का करें जाप
‘ऊँ श्री प्रकटाय नम: और ऊँ वरलक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का जप करें।
ॐ उग्रसिंहाय नमः और ऊँ रमायै नमः’ मंत्र का जप करें।
ॐ रौद्राय नमः और ऊँ वसुप्रदायै नमः ‘ मंत्र का जप करें।
‘ॐ चक्रिणे नमः और ऊँ करुणायै नमः ‘ मंत्र का जप करें।
‘ॐ महाप्रभवे नमः और ॐ महामायायै नमः ‘ मंत्र का जप करें।
ॐ अघोराय नमः और ॐ विद्यायै नमः ‘ मंत्र का जप करें।
शान्ताकारम् भुजगशयनम् पद्मनाभम् सुरेशम्
विश्वाधारम् गगनसदृशम् मेघवर्णम् शुभाङ्गम्।
लक्ष्मीकान्तम् कमलनयनम् योगिभिर्ध्यानगम्यम्
वन्दे विष्णुम् भवभयहरम् सर्वलोकैकनाथम्॥
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये
धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥
ऊँ हिमकुन्दमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम सर्वशास्त्रप्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम ।।
सफलाए कादशी का महत्व
देवघर बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग के तीर्थ पुरोहित सह ज्योतिषाचार्य प्रमोद श्रृंगारी ने लोकल 18 के संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा कि कुछ ही दिनों में पोष का महीना शुरू होने वाला है और पौष महीने की कृष्ण पक्ष की एकादशी को सफला एकादशी कहते हैं. सफला एकादशी पर व्रत रखना पापों का नाश करता है और पुण्य प्रदान करता है।
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