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Masik Durgashtami: मासिक दुर्गा अष्टमी का महत्व, मंत्र और पूजा करने की विधि

मासिक दुर्गाष्टमी के दिन मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना और व्रत करने से माता रानी अत्यंत प्रसन्न होती हैं और आपके जीवन से सभी सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क।17 March 2024। हर व्यक्ति नवरात्र में माता दुर्गा की पूजा अर्चना करता है। लेकिन मासिक दुर्गा अष्टमी के दिन भी माता की पूजा अर्चना करने से वह प्रसन्न होती हैं और आपको मनचाहा फल देती हैं। इसके अलावा जीवन में चल रही परेशानियों से छुटकारा मिलता है।

मासिक दुर्गा अष्टमी का महत्व

मासिक दुर्गाष्टमी के दिन मां दुर्गा की पूजा करने से पापों का नाश होता है। इसके अलावा व्यक्ति को जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होती है और मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। अगर आपका कोई काम नहीं बन रहा है, तो आप इस दिन व्रत रख सकते हैं। ऐसा करने से माता रानी की कृपा आप पर बनी रहती है और आपके बिगड़े काम बनने लगते हैं। इस दिन अगर आप माता रानी का व्रत रख रहे हैं, तो आपको दिन में नहीं सोना चाहिए। बल्कि पूरे दिन कीर्तन और भजन करना चाहिए।

पूजा विधि

इस बार 17 मार्च को दुर्गा अष्टमी पड़ेगी। इस दिन रविवार है और कहते हैं कि रविवार को माता दुर्गा की पूजा अर्चना भी करनी चाहिए। इसीलिए आपको सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए। साफ-सुथरे कपड़े धारण करने चाहिए। मंदिर व पूजा स्थल की साफ-सफाई करनी चाहिए और गंगा जल का छिड़काव करना चाहिए। भक्त माता रानी को लाल पुष्प, सिंदूर, अक्षत, नारियल, लाल वस्त्र-चुनरी, पान, सुपारी, फल व मिठाई आदि अर्पित करते हैं। इसके बाद, दुर्गा चालीसा व मां अंबे की आरती का जाप कर मां भवानी से सच्चे मन से प्रार्थना करते हैं।

इन मंत्रों का करें जाप

  • ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।

    दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।

  • सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।

    शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।

  • पिण्डज प्रवरा चण्डकोपास्त्रुता।

    प्रसीदम तनुते महिं चंद्रघण्टातिरुता।।

  • पिंडज प्रवररुधा चन्दकपास्कर्युत । प्रसिदं तनुते महयम चंद्रघंतेति विश्रुत।

    ॐ जटा जूट समायुक्तमर्धेंन्दु कृत लक्षणाम| लोचनत्रय संयुक्तां पद्मेन्दुसद्यशाननाम॥

  • या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता,नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

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    डिसक्लेमर

    इस लेख में प्रस्तुत किया गया अंश किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की पूरी सटीकता या विश्वसनीयता की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारियां विभिन्न स्रोतों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/प्रामाणिकताओं/धार्मिक प्रतिष्ठानों/धर्मग्रंथों से संग्रहित की गई हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य सिर्फ सूचना प्रस्तुत करना है, और उपयोगकर्ता को इसे सूचना के रूप में ही समझना चाहिए। इसके अतिरिक्त, इसका कोई भी उपयोग करने की जिम्मेदारी सिर्फ उपयोगकर्ता की होगी।

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