back to top
27.1 C
New Delhi
Sunday, March 15, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Shaniwar Mantra: शनि देव की क्रूर दृष्टि से बचने के लिए इन मंत्रों का करें जाप

शनिवार का दिन शनि देव पर समर्पित है लेकिन शनि देव की क्रूर दृष्टि से बचने के लिए आपको उनकी पूजा अर्चना करने के साथ-साथ मंत्रों के भी जाप करना चाहिए।

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। 8 June 2024। शनि देव भक्तों को उनके कर्मों के हिसाब से फल देते हैं। इसी कारण उन्हें कर्मफल दाता भी कहा जाता है। लेकिन अगर आपकी कुंडली में शनि दोष है। जीवन में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहे इसके लिए शनिवार के दिन शनि देव की पूजा जरूर करनी चाहिए। और इसके साथ-साथ मंत्रों का भी जाप करना चाहिए।

पूजा विधि

शनिवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और काले रंग के कपड़े पहने और अगर आपके पास काले रंग के कपड़े नहीं है। तो काले रंग से मिलते-जुलते रंग जैसे कि बैंगनी, ग्रे या स्लेटी रंग के कपड़े पहनें। आप किसी शनि मंदिर में जाकर शनि देव की पूजा करें और नीले रंग के फूल चढ़ाएं। कुश के आसान में बैठकर इन मंत्रों का जाप करें। इससे शनि देव शांत होते हैं और जीवन में सुख-संपत्ति आती है।

शनि देव को प्रसन्न करने के लिए

शनि देव को प्रसन्न करने के लिए आप शनि यंत्र की भी पूजा कर सकते हैं। शनि यंत्र बहुत शक्तिशाली यंत्र माना जाता है इसकी पूजा करने से भगवान जल्दी प्रसन्न होते हैं।

शनि देव को प्रसन्न करने के लिए आप हनुमान जी की भी पूजा अर्चना करें और उनके मित्रों का जाप करें।यदि कोई व्यक्ति शनिवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करता है तो उस पर शनि देव की विशेष कृपा बनती है।

इन मंत्रों का करें जाप

ॐ शं शनिश्चराय नम:

ऊँ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम ।

उर्वारुक मिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात ।

ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।शंयोरभिश्रवन्तु नः। ऊँ शं शनैश्चराय नमः

शनि महामंत्र – ॐ निलान्जन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम।

छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम॥

शनि दोष निवारण मंत्र – ऊँ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम।

उर्वारुक मिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात।।

शनि का पौराणिक मंत्र – ऊँ ह्रिं नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम।

छाया मार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्।।

शनि का वैदिक मंत्र – ऊँ शन्नोदेवीर-भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः।

शनि गायत्री मंत्र – ऊँ भगभवाय विद्महैं मृत्युरुपाय धीमहि तन्नो शनिः प्रचोद्यात्।

ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।शंयोरभिश्रवन्तु नः

अन्य ख़बरों के लिए क्लिक करें – www.raftaar.in

डिसक्लेमर

इस लेख में प्रस्तुत किया गया अंश किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की पूरी सटीकता या विश्वसनीयता की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारियां विभिन्न स्रोतों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/प्रामाणिकताओं/धार्मिक प्रतिष्ठानों/धर्मग्रंथों से संग्रहित की गई हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य सिर्फ सूचना प्रस्तुत करना है, और उपयोगकर्ता को इसे सूचना के रूप में ही समझना चाहिए। इसके अतिरिक्त, इसका कोई भी उपयोग करने की जिम्मेदारी सिर्फ उपयोगकर्ता की होगी।

Advertisementspot_img

Also Read:

spot_img

Latest Stories

जब देश में है तेल के कुएं का भंडार तो भारत विदेशों से क्यों खरीदता है क्रूड ऑयल?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। इस बात में कोई दोराहे नहीं...

LPG, CNG और PNG में क्या होता है अंतर? जानिए रसोई से गाड़ियों तक इन गैसों का काम

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव, खासकर Iran...

Solo घूमने के लिए भारत की ये बेस्ट जगहें, जहां मिलेगा सुकून

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आज के समय में ज्यादातर...

Alia Bhatt Birthday: 19 की उम्र में एक्ट्रेस ने किया डेब्यू, बड़ा अनोखा रहा अब तक का फिल्मी सफर

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आलिया भट्ट सिनेमा की चर्चित...

Vastu Tips: पापमोचनी एकादशी के दिन करें ये वास्तु उपाय, घर में सुख समृद्धि की होगी वृद्धि

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। पापमोचनी एकादशी के दिन आपको...