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Somwar Mantra : जानिए भगवान भोलेनाथ के 12 ज्योतिर्लिंगों की पूजा करने का महत्व और मंत्र

हम अक्सर मंदिरों में जाते हैं और अलग-अलग प्रकार के भगवानों की पूजा करते हैं लेकिन क्या हम जानते हैं की भोलेनाथ की 12 ज्योतिर्लिंग के की पूजा करने का क्या महत्व है।

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क 1 January 2024 :  सोमवार को भगवान भोलेनाथ की पूजा करने का महत्व है. हर सोमवार को व्यक्ति अपनी श्रद्धा अनुसार भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना करता है और कहते हैं कि अगर सच्चे भाव से भगवान भोलेनाथ की पूजा की जाए तो व्यक्ति कभी खाली हाथ उनके दरबार से नहीं जाता और उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भगवान भोलेनाथ की 12 ज्योतिर्लिंग की पूजा करने का क्या महत्व है। और इस पूजा की क्या विधि और मंत्र होते हैं।

12 ज्योतिर्लिंग की पूजा करने का क्या है महत्व

हिन्दू धर्म में भगवान शिव की उपासना का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव की उपासना करने से जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। शास्त्रों में वर्णित है कि भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों की उपासना करने से व्यक्ति को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इससे व्यक्ति को मोक्ष भी प्राप्त होता है।

इस विधि और मंत्र के अनुसार करें भगवान भोलेनाथ की ज्योतिर्लिंग की पूजा

मोमवार को स्नान आदि करने के बाद किसी मंदिर में या घर पर ही शिवजी की पूजा करें और शिवजी को धतूरा, बिल्व पत्र आदि चढ़ाएं और शुद्ध घी का दीपक जलाएं। इसके बाद कुश के आसन पर बैठकर मन ही मन द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तुति का पाठ करें।वैसे तो भगवान शिव के अनेक मंदिर हमारे देश में है, लेकिन उन सभी में 12 ज्योतिर्लिंगों का विशेष महत्व है। सिर्फ 1 स्तुति का पाठ करने से भी 12 ज्योतिर्लिंगों की उपासना की जा सकती है।

ज्योतिर्लिंग स्तुति

सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्‌।

उज्जयिन्यां महाकालमोंकारं ममलेश्वरम्‌ ॥1॥

परल्यां वैजनाथं च डाकियन्यां भीमशंकरम्‌।

सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने ॥2॥

वारणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमी तटे।

हिमालये तु केदारं ध्रुष्णेशं च शिवालये ॥3॥

एतानि ज्योतिर्लिंगानि सायं प्रातः पठेन्नरः।

सप्तजन्मकृतं पापं स्मरेण विनश्यति ॥4॥

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डिसक्लेमर

इस लेख में प्रस्तुत किया गया अंश किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की पूरी सटीकता या विश्वसनीयता की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारियां विभिन्न स्रोतों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/प्रामाणिकताओं/धार्मिक प्रतिष्ठानों/धर्मग्रंथों से संग्रहित की गई हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य सिर्फ सूचना प्रस्तुत करना है, और उपयोगकर्ता को इसे सूचना के रूप में ही समझना चाहिए। इसके अतिरिक्त, इसका कोई भी उपयोग करने की जिम्मेदारी सिर्फ उपयोगकर्ता की होगी।

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