नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। आप पूरे देश में करवा चौथ का पर मनाया जाएगा सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखेंगी। करवा चौथ का व्रत कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्यवती का वरदान पाने के लिए व्रत रखती हैं। आज व्रत रखने के साथ-साथ आज के दिन करवा माता की पूजा अर्चना भी की जाती है। इसके साथ ही आप महादेव और माता पार्वती की भी पूजा अर्चना कर सकती हैं। तो लिए इस व्रत की आरती और मंत्रों के बारे में जानते हैं।
पूजा विधि
करवा चौथ का व्रत बहुत ही कठोर और कठिन होता है इस दौरान आपको निराजल रहना पड़ता है और शाम को चांद देखने के बाद इस व्रत को तोड़ती हैं। चांद को देखने के बाद पति उनको पानी पिलाते हैं और कुछ खिलाते हैं जिसके बाद उनका व्रत पूरा होता है वह अपने पति का आशीर्वाद लेती है और उनकी लंबी आयु की प्रार्थना करती हैं। करवा चौथ के दिन आपको सोलह सिंगार करना चाहिए सर धज कर माता करवा की भी पूजा करनी चाहिए और उनकी आरती करनी चाहिए ताकि आपके घर में सुख समृद्धि बनी रहे और आपका दांपत्य जीवन सुख खुशहाल रहे।
इन मंत्रों का करें जाप
श्रीगणेश का मंत्र – ॐ गणेशाय नमः
शिव का मंत्र – ॐ नमः शिवाय
पार्वतीजी का मंत्र – ऊँ पार्वत्यै नमः
स्वामी कार्तिकेय का मंत्र – ॐ षण्मुखाय नमः
चंद्रमा का पूजन मंत्र – ॐ सोमाय नमः
‘मम सुख सौभाग्य पुत्र-पौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये करक चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये।’
‘नमस्त्यै शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संतति शुभा। प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे।’
करवा चौथ की आरती
ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।
जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।। ओम जय करवा मैया।
सब जग की हो माता, तुम हो रुद्राणी।
यश तुम्हारा गावत, जग के सब प्राणी।।
कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, जो नारी व्रत करती।
दीर्घायु पति होवे , दुख सारे हरती।।
ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।
जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।
होए सुहागिन नारी, सुख संपत्ति पावे।
गणपति जी बड़े दयालु, विघ्न सभी नाशे।।
ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।
जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।
करवा मैया की आरती, व्रत कर जो गावे।
व्रत हो जाता पूरन, सब विधि सुख पावे।।
ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।
जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।
अन्य ख़बरों के लिए क्लिक करें –www.raftaar.in
डिसक्लेमर
इस लेख में प्रस्तुत किया गया अंश किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की पूरी सटीकता या विश्वसनीयता की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारियां विभिन्न स्रोतों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/प्रामाणिकताओं/धार्मिक प्रतिष्ठानों/धर्मग्रंथों से संग्रहित की गई हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य सिर्फ सूचना प्रस्तुत करना है,और उपयोगकर्ता को इसे सूचना के रूप में ही समझना चाहिए। इसके अतिरिक्त, इसका कोई भी उपयोग करने की जिम्मेदारी सिर्फ उपयोगक की




