Kartikeya Mantra: कार्तिकेय भगवान को प्रसन्न करने का मंत्र और पूजा विधि

हिंदू धर्म में सभी भगवानों की पूजा अर्चना की जाती है। लेकिन क्या हम जानते हैं कि भोलेनाथ और मां पार्वती के बेटे कार्तिकेय की पूजा करने का एक अलग महत्व और मंत्र है।
Mantra of Kartikeya
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नई दिल्ली। रफ्तार डेस्क 4 January, 2024 : भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र भगवान कार्तिकेय को युद्ध का देवता माना जाता है। दक्षिण भारत में भगवान कार्तिकेय को मुरुगन या अयप्पा नाम से भी जाना जाता है। भगवान कार्तिकेय शक्ति और ऊर्जा के प्रतीक माने जाते हैं। मान्यतानुसार कोर्ट, जमीन, पैसे आदि के विवाद को निपटाने से पहले भगवान कार्तिकेय की आराधना की जाए तो उसमें सफलता प्राप्त होती है।

कार्तिकेय भगवान की पूजा करने का महत्व

भगवान कार्तिकेय की पूजा करने से मनुष्य के अंदर एक ऐसा ऊर्जा पैदा होती है जिसके कारण आपकी खोई हुई चीज आपको वापस जल्दी मिल जाती है। आपको यकीन नहीं होगा लेकिन यही हकीकत है।अगर आप के धन संपत्ति खोए हुए या छीना गया तो भगवान कार्तिकेय की पूजा अवश्य करें । भगवान कार्तिकेय पूजा करने से खोए हुए संपत्ति तो वापस लौट आती है। साथ ही आप के जीवन से सभी कष्ट भी दूर होते है। इसलिए देश के नेता, मंत्री, बड़े-बड़े वकील यह सभी भगवान कार्तिकेय पूजा करते हैं ।

कार्तिकेय भगवान का मंत्र

  • ऊं शारवाना-भावाया नमः

    ज्ञानशक्तिधरा स्कंदा वल्लीईकल्याणा सुंदरा

    देवसेना मनः काँता कार्तिकेया नामोस्तुते

    ऊं सुब्रहमणयाया नमः

  • आरमुखा ओम मुरूगा

    वेल वेल मुरूगा मुरूगा

    वा वा मुरूगा मुरूगा

    वादी वेल अज़्गा मुरूगा

    अदियार एलाया मुरूगा

    अज़्गा मुरूगा वरूवाई

    वादी वेलुधने वरूवाई

  • ओम तत्पुरुषाय विधमहे:

    महा सैन्या धीमहि

    तन्नो स्कन्दा प्रचोद्यात:

  • ऊं शारवाना-भावाया नमः

  • ज्ञानशक्तिधरा स्कंदा वल्लीईकल्याणा सुंदरा

  • देवसेना मनः काँता कार्तिकेया नामोस्तुते

  • ऊं सुब्रहमणयाया नमः

इन सभी मंत्रो में से किसी भी मंत्र का जाप करके आप कार्तिकेय भगवान को प्रसन्न कर सकते हैं।भगवान कार्तिकेय पूजा करने से मां पार्वती एवं देवों के देव महादेव बहुत प्रसन्न होते हैं । क्योंकि वो उनके संतान भी है इसलिए आप जैसे गणेश की पूजा करते हैं ठीक उसी प्रकार भगवान कार्तिक की भी पूजा कर सकते हैं।भगवान कार्तिक की पूजा करने से किसी भी प्रकार के संकट एवं अपने लोगों से कभी शत्रुता नहीं होगी। घर में सुख शांति हमेशा बनी रहेंगी।

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