नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। आज कार्तिक अमावस्या के दिन आपको स्नान ध्यान करके माता लक्ष्मी और गणेश भगवान की विशेष पूजा करनी चाहिए। हालांकि कुछ लोग आज के दिन सूर्य भगवान की भी पूजा अर्चना करते हैं। इसके साथ ही सभी ग्रहों की भी पूजा की जाती है ताकि उनसे जुदा कोई भी दोष आपको परेशान ना करें और आपके जीवन में सदैव तरक्की और सफलता बनी रहे।
पूजा विधि
इस दिन स्नान, दान और भगवान विष्णु की भी आराधना करने से व्यक्ति के सभी पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।सुबह स्नान कर घर और मंदिर की साफ-सफाई करें।इसके बाद भगवान गणेश जी का ध्यान कर पूजा प्रारंभ करें।अब भगवान विष्णु का गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक करें।इतना करने के बाद प्रभु को पीला चंदन, पीले पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें।मंदिर में घी का दीपक जलाएं। इसके साथ ही माता लक्ष्मी की भी पूजा अर्चना करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें उनकी आरती करें और फल फूल मेवा और भोग लगाएं।
इन मंत्रों का करें जाप
ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि।
ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व राधसि।
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे।
हे नाथ नारायण वासुदेवाय।।
ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।
ॐ विष्णवे नम:
ॐ हूं विष्णवे नम:
ॐ नमो नारायण। श्री मन नारायण नारायण हरि हरि।
ॐ ह्रीं कार्तविर्यार्जुनो नाम राजा बाहु सहस्त्रवान। यस्य स्मरेण मात्रेण ह्रतं नष्टं च लभ्यते।।
ऊँ महालक्ष्म्यै नमो नमः । ऊँ विष्णुप्रियायै नमो नमः ।।
ऊँ धनप्रदायै नमो नमः । ऊँ विश्वजन्नयै नमो नमः ।।
ऊँ श्रींह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नम:।।
ऊँ श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।।
ऊँ ह्रीं श्री क्रीं क्लीं श्री लक्ष्मी मम गृहे धन पूरये, धन पूरये, चिंताएं दूरये-दूरये स्वाहा:।।
या रक्ताम्बुजवासिनी विलासिनी चण्डांशु तेजस्विनी।
या रक्ता रुधिराम्बरा हरिसखी या श्री मनोल्हादिनी॥
या रत्नाकरमन्थनात्प्रगटिता विष्णोस्वया गेहिनी।
सा मां पातु मनोरमा भगवती लक्ष्मीश्च पद्मावती ॥
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