Guruwar Mantra: इस विधि और मंत्र से करें विष्णु भगवान की पूजा, विवाह में आने वाली बाधाएं होंगी दूर

हर गुरूवार को विष्णु भगवान की पूजा की जाती है। भगवान को प्रसन्न करके आप जीवन में चल रही संकटों से मुक्ति पा सकते हैं। लेकिन अगर आपके विवाह में भी कोई अर्चन आ रही हैं तो आप इस प्रकार दूर कर सकते हैं।
Mantra of Lord Vishnu
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नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। 2 May 2024। भगवान विष्णु की पूजा के लिए गुरुवार का दिन काफी शुभ माना जाता है। उनकी विधिवत पूजा करने से जीवन के सभी संकटों से छुटकारा मिलता है। भगवान विष्णु की पूजा से बृहस्पति ग्रह भी शांत होता है जिससे व्यक्ति के विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।

पूजा विधि

गुरुवार का व्रत रख रहे हैं तो इस व्रत की पूजा विधि आपको पता होनी चाहिए। सबसे पहले आप प्रातः काल उठ जाएं। अच्छे से स्नान ध्यान करके भगवान की प्रार्थना करें और उनका स्नान करके वस्त्र फूल माला और तिलक लगाए। इसके बाद भगवान विष्णु के व्रत कथा का पाठ करें। और भगवान को भोग लगाकर उनकी आरती करके पूजा को समाप्त करें। आपको अपनी पूजा सफल बनाने के लिए कुछ चीजों का भी दान करना चाहिए। जैसे केला, पीली दाल, गुड़, पीले वस्त्र, लड्डू आदि।

विवाह के लिए करें इस प्रकार पूजा

अगर आपके विवाह में कोई संकट आ रही है तो आपका बृहस्पति ग्रह कमजोर है। इसको ठीक करने के लिए आपको विष्णु भगवान के साथ-साथ बृहस्पति देव की पूजा अर्चना करनी चाहिए। उसके लिए आपको केले के पेड़ की भी पूजा करनी चाहिए केले के पेड़ की पूजा करने सेबृहस्पति ग्रह मजबूत होता है, जिससे विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं. जिन लेगों को विवाह से संबंधित समस्याएं हो रही हैं।

तुसली का पौधा

तुलसी का पौधा बहुत पूजनीय है हर घर में तुलसी की पूजा की जाती है लेकिन क्या आपको पता है कि तुलसी की पूजा करने से विवाह में आ रहे कई प्रकार के संकट भी दूर होते हैं।तुलसी भगवान विष्णु को अति प्रिय हैं, इसलिए उन्हें हरिवल्लभा भी कहा जाता है।

इन मंत्रों का भी करें जाप

  • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

  • श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे। हे नाथ नारायण वासुदेवाय।।

  • ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।

  • ॐ विष्णवे नम:

  • ॐ हूं विष्णवे नम:

  • ॐ नमो नारायण। श्री मन नारायण नारायण हरि हरि।

  • ॐ अं वासुदेवाय नम:

  • ॐ आं संकर्षणाय नम:

  • ॐ अं प्रद्युम्नाय नम:

  • ॐ अ: अनिरुद्धाय नम:

  • ॐ नारायणाय नम:

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