नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। हिंदू धर्म में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि शिवलिंग पर हर रोज जल चढ़ाने से मनुष्य के सारे कष्ट मिट जाता हैं, इसके साथ जीवन में सुख, समृद्धि बनी रहती है। पुराणों के अनुसार पूरे विश्व में भगवान शंकर के 12 ज्योतिर्लिंग स्थापित हैं। हर एक ज्योतिर्लिंग का अपना एक विशेष महत्व है।
ज्योतिर्लिंग के स्मरण के मिटते हैं कष्ट
शास्त्र में ऐसा माना जाता है कि ज्योतिर्लिंग धरती के वे स्थान है जहां भगवान भोलेनाथ प्रकट हुए थे। इन सभी ज्योतिर्लिंगों को अलग-अलग नाम से जाना जाता है इसके साथ ही इनकी पूजा का भी विधान अलग-अलग है। ऐसी मान्यता है कि इन ज्योतिर्लिंग का प्रतिदिन स्मरण करने से मनुष्य के सारे पाप मिट जाते हैं और उसकी काया शुद्ध हो जाती है। ज्योतिर्लिंग का मंत्र जपने से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न हो जाते हैं। आइए जानते हैं इन मंत्रों के बारे में…
द्वादश ज्योतिर्लिंग मंत्र
सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्।
उज्जयिन्यां महाकालं ओम्कारम् अमलेश्वरम्॥
परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमशङ्करम्।
सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने॥
वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमीतटे।
हिमालये तु केदारं घुश्मेशं च शिवालये॥
एतानि ज्योतिर्लिङ्गानि सायं प्रातः पठेन्नरः।
सप्तजन्मकृतं पापं स्मरणेन विनश्यति॥




