नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। 27 May 2024। सोमवार का दिन भगवान भोलेनाथ को समर्पित होता है। आज के दिन आप भगवान भोलेनाथ की पूजा करते हैं और कई सारी वस्तुएं चढ़ाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है भगवान भोलेनाथ की सबसे प्रिय वस्तु भस्म होती है जिसे चढ़कर आप उन्हें जल्दी प्रसन्न कर सकते हैं। इतना ही नहीं बल्कि आप भस्म चढ़ाते समय उनके कुछ शक्तिशाली मंत्रों का भी जाप करें।
भस्म चढ़ाने का महत्व
अगर आप भगवान भोलेनाथ को भस्म चढ़ाते हैं तो भगवान की कृपा आप पर बनी रहती है। इसके साथ ही मांगी गई मनोकामना भी जल्द ही पूरी होती है। क्योंकि भस्म भगवान को प्रिया है और उसे लगाकर आप उन्हें प्रसन्न करते है।और आपके घर परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है।
पूजा विधि
भगवान भोलेनाथ की पूजा के लिए आपको सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद उनकी पूजा करनी चाहिए।इस दिन भगवान भोलेनाथ को जल, दूध चढ़ाएं, बेलपत्र, पुष्प, मदार और भस्म आदि चढ़ाएं। इसके बाद भगवान को खोवे का लड्डू चढ़ाएं। फिर भोलेनाथ और माता पार्वती की पूजा और आरती करें। और शिव चालीसा का पाठ अवश्य करें।
इन मंत्रों का करें जाप
ॐ नमः शिवाय:
यह मंत्र भगवान शिव की स्तुति करने के लिए काफी महत्वपूर्ण और प्रसिद्ध मंत्र है।
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे, सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्, उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्:
यह महामृत्युञ्जय मंत्र है। इसका जप करने से व्यक्ति नीरोग रहता है और आयु में वृद्धि होती है।
ॐ नमः शिवाय शुभं शुभं कुरू कुरू शिवाय नमः
इस मंत्र के जाप से बिगड़े काम भी बन जाते हैं। और घर का माहौल अच्छा रहता है घर में सुख शांति बनी रहती है।
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं नमः
यह मंत्र से भगवान शिव और शक्ति दोनों की आराधना एक साथ की जाती है।
ॐ नमो भगवते रुद्राय:
इस मंत्र का रोज जाप करने से व्यक्ति के हर काम पूर्ण होते हैं। ये मंत्र इतना शक्तिशाली हैं की ये आपकी हर इच्छा भगवान शिव तक पहुँचता है।
अन्य ख़बरों के लिए क्लिक करें – www.raftaar.in
डिसक्लेमर
इस लेख में प्रस्तुत किया गया अंश किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की पूरी सटीकता या विश्वसनीयता की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारियां विभिन्न स्रोतों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/प्रामाणिकताओं/धार्मिक प्रतिष्ठानों/धर्मग्रंथों से संग्रहित की गई हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य सिर्फ सूचना प्रस्तुत करना है, और उपयोगकर्ता को इसे सूचना के रूप में ही समझना चाहिए। इसके अतिरिक्त, इसका कोई भी उपयोग करने की जिम्मेदारी सिर्फ उपयोगकर्ता की होगी।





