नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। 6 June 2024। ज्येष्ठ माह की अमावस्या के दिन वट सावित्री व्रत रखा जाता है कहते हैं कि आज के दिन सुहागन महिला अगर बरगद की पूजा अर्चना करती है। तो उसकी हर मनोकामना पूरी होती है और वह अखंड सौभाग्यवती का सौभाग्य प्राप्त करती है। शास्त्रों के अनुसार आज के दिन पूजा के दौरान कुछ मंत्रों का जाप भी अवश्य करना चाहिए।
वट सावित्री व्रत का महत्व
वट सावित्री का काफी महत्व होता है इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रख कर बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं। यदि कोई भी महिला इस दिन सच्चे मन से व्रत रख कर पूजा-पाठ करती है उसका वैवाहिक जीवन हमेशा खुशनुमा बना रहता है। इसके अलावा यदि कोई कुंवारी लड़की मनचाहा वर पाना चाहती है वो भी ये व्रत रख सकती है। ऐसा करने से एक तो पति की आयु लम्बी होती है दूसरा यदि उनके जीवन में कोई परेशानी चल रही थी तो उससे मुक्ति मिल जाएगी।
इन मंत्रों का करें जाप
अवैधव्यं च सौभाग्यं देहि त्वं मम सुव्रते। पुत्रान् पौत्रांश्च सौख्यं च गृहाणार्घ्यं नमोऽस्तुते।।
यथा शाखाप्रशाखाभिर्वृद्धोऽसि त्वं महीतले।तथा पुत्रैश्च पौत्रैश्च सम्पन्नं कुरु मा सदा।।
मंत्र का महत्व
यह दोनों मंत्र काफी शक्तिशाली मंत्र है। इस वट सावित्री व्रत की पूजा करते समय आपको जपना चाहिए। मंत्रों का जाप करने से अखंड सौभग्य की प्राप्ति होती है। पति पर आया हर संकट टल जाता है और पति की उम्र लंबी होती है। अगर आपके और पार्टनर के बीच में अनबन हो रही है और हमेशा क्लेश होता रहता है। तो यह मंत्र उसके लिए काफी कारगर सिद्ध होंगे। इन मंत्रों का जाप करने से जीवन में चल रही उदासीनता भी दूर हो जाती है। इसके अलावा दांपत्य जीवन में नकारात्मक ऊर्जा से भी मुक्ति मिलती है।
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