नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। 4 June 2024। आज के दिन महादेव की पूजा करने का महत्व काफी ज्यादा बढ़ गया है क्योंकि आज प्रदोष व्रत के साथ-साथ मासिक शिवरात्रि भी है। हर महीने में मासिक शिवरात्रि और प्रदोष व्रत मनाया जाता है लेकिन इसका एक साथ मिलना काफी अच्छा संजोग बन गया। इस अद्भुत संजोग का फायदा उठाकर आप भोलेनाथ को प्रसन्न कर सकते हैं और उनकी कृपा का सकते हैं।
मंगलवार प्रदोष का महत्व
इस बार का प्रदोष व्रत मंगलवार को पड़ रहा है और मंगलवार के प्रदोष व्रत को भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज के दिन जो व्यक्ति इसका व्रत रखता है उसकी सभी मनोकामना पूरी होती है।और उसे निरोग स्वास्थ की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही घर में चल रहे सभी प्रकार के दोष से भी मुक्ति मिलती है।
इस प्रकार करें महादेव की पूजा
महादेव की पूजा करने के लिए आपको सबसे पहले मंदिर जाना चाहिए वहां भगवान को बेलपत्र और फूल चंदन आदि चढ़ाना चाहिए। इसके बाद शिव चालीसा का जाप करके आरती करना चाहिए और अपनी मनोकामना मांगना चाहिए। शिवरात्रि शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान भोलेनाथ के लिए उपवास रखने से उनकी पूर्ण कृपा प्राप्त होती है। एसी मान्यता हैं कि मासिक शिवरात्रि पर विधि पूर्वक पूजन करने से भगवान शिव अपने भक्तों के सभी कष्टों को दूर करते हैं। साथ ही सभी मनोकामनाएं भी पूर्ण होती है। इस दिन सच्ची श्रद्धा के साथ पूजा-पाठ करते हैं, तो उनके विवाह से जुड़ी सभी बाधाएं समाप्त हो जाएंगी।
मासिक शिवरात्रि और प्रदोष व्रत के दिन करें इन मंत्रो का जाप
ॐ नमः शिवाय:
यह मंत्र भगवान शिव की स्तुति करने के लिए काफी महत्वपूर्ण और प्रसिद्ध मंत्र है।
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे, सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्, उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्:
यह महामृत्युञ्जय मंत्र है। इसका जप करने से व्यक्ति नीरोग रहता है और आयु में वृद्धि होती है।
ॐ नमः शिवाय शुभं शुभं कुरू कुरू शिवाय नमः
इस मंत्र के जाप से बिगड़े काम भी बन जाते हैं। और घर का माहौल अच्छा रहता है घर में सुख शांति बनी रहती है।
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं नमः
यह मंत्र से भगवान शिव और शक्ति दोनों की आराधना एक साथ की जाती है।
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