Brahma Mantra: इन चमत्कारी मंत्रो से प्रसन्न होंगे ब्रम्हदेव

हिंदू धर्म में पूजा पाठ करने का एक अलग मानता है। घर में हर भगवान की पूजा अर्चना की जाती है लेकिन आपको पता है कि ब्रम्हदेव की पूजा करने से आपको अत्यंत लाभ मिलता है।
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नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क 5 January 2024 : हम अक्सर सप्ताह के सातों दिन अलग-अलग भगवान की पूजा अर्चना करते हैं और उन्हें प्रसन्न करने की कोशिश करते रहते हैं। जैसे कि हमारे घर परिवार में सुख शांति बनी रहे और हमारा जीवन शांतिपूर्वक बीते। हिंदू धर्म में पूजा पाठ करने का अलग-अलग नियम भी बताया गया है। लेकिन अक्सर देखा गया है कि ब्रम्हदेव की मूर्ति अथवा मंदिर ज्यादा जगहों पर नहीं है।ब्रह्मा जी का सिर्फ एक मंदिर है जो की राजस्थान के पुष्कर में स्थित है। पुराणों के अनुसार खुद की पत्नी सावित्री के श्राप के चलते ब्रह्मा जी का पुरे भारत में एक मात्र मंदिर है।कहते हैं कि ब्रह्मा जी की पूजा करने से आपके जीवन से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।

ब्रम्हदेव के मंत्र और उसके महत्त्व

ब्रह्म गायत्री मंत्र की आराधना करने से धन-सम्पत्ति के साथ यश की प्राप्ति होती है। ब्रह्म जी के मंत्रो का जाप करने से सबसे बड़ा लाभ ये मिलता है कि ये साधारण मनुष्य को दुनियावी चिंताओं से मुक्त होकर मृत्यु के बाद उसके लिए ब्रह्मलोक गमन का मार्ग खुल जाता है। ब्रह्मा जी हमारे पूर्वजों और उनके पूर्वजों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ब्रह्म मंत्र का जाप करने से रचनात्मकता, सफलता, ज्ञान और प्रचुरता मिलती है। पितृ पक्ष में उनका नाम का जाप करना वास्तव में सहायक होगा।

  • ॐ चतुर्मुखाय विद्महे हंसारूढाय धीमहि तन्नो ब्रह्मा प्रचोदयात्

  • ब्रह्मा जी का ध्यान मंत्र** ॐ ब्रह्मणे नमः | अर्थ - पराशक्ति परब्रह्म परमात्मा को नमस्कार है।

  • ब्रह्मा मंत्र ॥ ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं सौह सतचिद एकं ब्रह्मो ॥

  • ॐ नमस्ते परमं ब्रह्मा नमस्ते परमात्ने। निर्गुणाय नमस्तुभ्यं सदुयाय नमो नम:।।

मंत्र का जाप करते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • बिना स्नान किए ब्रह्मा जी की मंत्रों का जाप नहीं करना चाहिए।

  • दक्षिण दिशा की ओर मुख करके ब्रह्मा जी की मंत्रों का जाप नहीं करना चाहिए।

  • ब्रह्मा जी की मंत्रों का जाप करते समय मन में किसी के प्रति बुरा ख्याल नहीं रखना चाहिए।

  • ब्रह्मा जी की मंत्रों का जाप करते समय तामसिक भोजन को ग्रहण नहीं करना चाहिए।

  • ब्रह्मा जी की मंत्रों का जाप करते समय ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।

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