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Badhwar Mantra : गणेश चतुर्थी का दिन क्यों है खास, जानिए पूजा विधि और मंत्र

Ganesh Chaturthi : हम खास तौर पर गणेश भगवान की पूजा बुधवार को करते हैं लेकिन क्या हम जानते हैं की गणेश चतुर्थी का एक अलग महत्व है।

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क 20 December 2023 : गणेश भगवान की पूजा बुधवार को की जाती है ऐसा माना जाता है कि बुधवार का दिन गणेश भगवान को समर्पित है। लेकिन देश भर में गणेश चतुर्थी का एक अलग महत्व है गणेश चतुर्थी का पर्व पूरे देश में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। ऐसा कहते हैं कि इस दिन जो भक्त गणेश भगवान की पूजा अर्चना करके व्रत रखता है उसके सहारे कष्ट भगवान हर लेते हैं इसलिए उनको विघ्नहर्ता भी बोला जाता है। वहीं महाराष्ट्र के हर शहर में गणेश चतुर्थी का पर पूरे 10 दिन चलता है। और बहुत उत्साह और चाव के साथ लोग भगवान का यह त्यौहार मनाते हैं और उनकी पूजा अर्चना करते हैं। और घर-परिवार में सुख शांति के साथ समृद्धि की कामना करते हैं।

गणेश चतुर्थी का महत्व

गणेश चतुर्थी विघ्नहर्ता और बुद्धि के देवता भगवान गणेश के जन्म का उत्सव है। उन्हें नई शुरुआत और समृद्धि के देवता के रूप में भी पूजा जाता है। भक्त अपने प्रयासों में सफलता और अपने जीवन से बाधाओं को दूर करने के लिए भगवान गणेश से प्रार्थना करते हैं। इस त्यौहार के दौरान भक्त अपने घरों मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर बप्पा की मूर्ति स्थापित करते हैं। मूर्ति की पूजा फूलों फलों मिठाई और अन्य सामग्री से कर कर उनकी आरती अथवा मंत्र का जाप भी करते हैं।

गणेश भगवान की पूजा विधि अथवा मंत्र

सबसे पहले जिस स्थान में आप भगवान को स्थापित कर रहे हैं उस जगह को साफ सुथरा करके वहां पर रंगोली बनाना चाहिए।उसके उपर पाटा अथवा चौकी रख कर उस पर लाल अथवा पीला कपड़ा बिछाते हैं। उसे कपड़े के ऊपर किले के पत्ते को रखकर मूर्ति की स्थापना की जाती है वहीं पान सुपारी और कुछ पैसे भी रखें। स्थापना वाले दिन सबसे पहले कलश की पूजा की जाती है। जल, कुमकुम, चावल चढ़ा कर कपड़ा अर्पित किए जाते हैं। उसके बाद गणेश देवता की पूजा की जाती है। उन्हें भी जल चढ़ाकर कपड़ा पहनाए जाते हैं। फिर कुमकुम एवम चावल चढ़ाकर फूल मोदक और दूब चढ़ाएं। इसके बाद अपने परिवार के साथ गणेश भगवान की आरती करें और इन मंत्रो का भी जाप करे।

  • ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरु गणेश, ग्लौम गणपति, ऋद्धि पति, सिद्धि पति,, करो दूर क्लेश

  • गणपतिर्विघ्नराजो लम्बतुण्डो गजाननः। द्वैमातुरश्च हेरम्ब एकदन्तो गणाधिपः॥

  • ऊं एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात

  • इन मंत्रो का जाप करके गणेश भगवान से अपने घर परिवार की सुख शांति के लिए प्रार्थना करें और उनका आशीर्वाद ले।

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डिसक्लेमर

इस लेख में प्रस्तुत किया गया अंश किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की पूरी सटीकता या विश्वसनीयता की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारियां विभिन्न स्रोतों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/प्रामाणिकताओं/धार्मिक प्रतिष्ठानों/धर्मग्रंथों से संग्रहित की गई हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य सिर्फ सूचना प्रस्तुत करना है, और उपयोगकर्ता को इसे सूचना के रूप में ही समझना चाहिए। इसके अतिरिक्त, इसका कोई भी उपयोग करने की जिम्मेदारी सिर्फ उपयोगकर्ता की होगी।

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