back to top
22.1 C
New Delhi
Tuesday, March 31, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

12 Jyotirlinga: ज्योतिर्लिंग स्तुति मंत्र के जाप से करें भगवान भोलेनाथ की पूजा, घर में बनी रहेगी सुख शांति

भगवान भोलेनाथ की 12 ज्योतिर्लिंग की पूजा करने से आपके जीवन में कभी कोई परेशानी नहीं आती और घर में सुख शांति बनी रहती है।

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क।19 March 2024। भगवान भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए हर व्यक्ति उनकी पूजा अर्चना करता है। लेकिन भगवान के 12 ज्योतिर्लिंग की पूजा करने का विशेष फल मिलता है। आप भगवान को प्रसन्न करने के लिए उनके मंत्रों का भी जब कर सकते हैं।

पूजा करने का महत्व

भगवान भोलेनाथ विशेष रूप से 12 रूपों और स्थानों में ज्योतिर्लिंगों के रूप में’ हैं। की उपासना का विशेष महत्व है। सभी बारह स्थानों पर भगवान शिव स्वयं प्रकट हुए हैं और इस सभी ज्योतिर्लिंग में वे ज्योति रूप में स्वयं विराजमान हैं। ये पावन ज्योतिर्लिंग देश के अलग-अलग भागों में स्थित हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव की उपासना करने से जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। शास्त्रों में वर्णित है कि भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों की उपासना करने से व्यक्ति को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इससे व्यक्ति को मोक्ष भी प्राप्त होता है।

पूजा विधि

आप को प्रातः काल उठकर स्नान आदि करने के बाद किसी मंदिर में या घर पर ही शिवजी की पूजा करें। और 12 ज्योतिर्लिंग को स्मरण करके व्रत करने का प्रण लें। शिवजी को धतूरा, बेल पत्र आदि चढ़ाएं और शुद्ध घी का दीपक जलाएं। इसके बाद कुश के आसन पर बैठकर मन ही मन द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तुति का पाठ करें। कम से कम 108 बार इस स्तुति का पाठ करें।

12 ज्योतिर्लिंग के नाम

  • सोमनाथ ज्योतिर्लिंग: गुजरात

  • मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग: आन्ध्र प्रदेश

  • महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग: मध्य प्रदेश

  • ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग: मध्य प्रदेश

  • केदारेश्वर ज्योतिर्लिंग: उत्तराखंड

  • भीमशंकर ज्योतिर्लिंग: महाराष्ट्र

  • विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग: उत्तर प्रदेश

  • त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग: महाराष्ट्र

  • वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग: झारखण्ड

  • नागेश्वर ज्योतिर्लिंग: गुजरात

  • रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग: तमिलनाडु

  • घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग: महाराष्ट्र

ज्योतिर्लिंग स्तुति मंत्र

सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्।

उज्जयिन्यां महाकालमोंकारंममलेश्वरम्॥

परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमशंकरम्।

सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने॥

वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमीतटे।

हिमालये तु केदारं घुश्मेशं च शिवालये॥

एतानि ज्योतिर्लिंगानि सायं प्रातः पठेन्नरः।

सप्तजन्मकृतं पापं स्मरणेन विनश्यति॥

एतेशां दर्शनादेव पातकं नैव तिष्ठति।

कर्मक्षयो भवेत्तस्य यस्य तुष्टो महेश्वराः॥:

अन्य ख़बरों के लिए क्लिक करें – www.raftaar.in

डिसक्लेमर

इस लेख में प्रस्तुत किया गया अंश किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की पूरी सटीकता या विश्वसनीयता की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारियां विभिन्न स्रोतों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/प्रामाणिकताओं/धार्मिक प्रतिष्ठानों/धर्मग्रंथों से संग्रहित की गई हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य सिर्फ सूचना प्रस्तुत करना है, और उपयोगकर्ता को इसे सूचना के रूप में ही समझना चाहिए। इसके अतिरिक्त, इसका कोई भी उपयोग करने की जिम्मेदारी सिर्फ उपयोगकर्ता की होगी।

Advertisementspot_img

Also Read:

spot_img

Latest Stories

Dry Days: अप्रैल में शराब प्रेमियों के लिए झटका! इन तारीखों पर बंद रहेंगी शराब की दुकानें

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अगर आप अप्रैल 2026 में पार्टी...

तनय नाम का मतलब-Tanay Name Meaning

Tanay Name Meaning -तनय नाम का मतलब: पुत्र /Son Origin...

इस Hanuman Jayanti भगवान को लगाएं ‘बेसन के लड्डुओं’ का भोग, ये रही खास रेसिपी

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) का...

PMKVY क्या है? जानें योग्यता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन की पूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। PMKVY एक कौशल प्रशिक्षण योजना है...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵