सहरसा, एजेंसी। कोसी क्षेत्र के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण झा के अनुसार वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है। हिंदू शास्त्रों के अनुसार ये दिन खास महत्व रखता है। वर्ष 2023 में अक्षय तृतीया रविवार 23 अप्रैल को मनाई जाएगी।मिथिला पंचांग के अनुसार अक्षय तृतीया सर्वसिद्ध मुहूर्तों में से एक है। इस दिन किसी भी मंगल कार्य को करने से पहले पंचांग देखने की अवश्यकता नहीं है। ज्योतिष विद्वान पंडित तरुण झा के अनुसार इस बार अक्षय तृतीया 22 अप्रैल शनिवार को सुबह 08.10 से प्रारम्भ होकर 23 अप्रैल, रविवार को सुबह 08.14 मिनट तक रहेगी।लेकिन,, 23 अप्रैल रविवार को ही अक्षय तृतीया पर्व मनाया जायेगा।
अक्षय तृतीया का महत्व
ये दिन दीवाली के समान ही मंगलमय है। इसलिए इस दिन सोना खरीदना बहुत शुभ होता है।या मां लक्ष्मी के चांदी की चरण पादुका खरीदकर उसकी पूजा करके घर या दुकान के मंदिर में स्थापित करें । वाहन खरीदने के लिए भी ये दिन उत्तम है। देवी लक्ष्मी का वास धन के साथ धान्य में भी होता है। अन्न का दान जरूर करें अक्षय तृतीया पर त्रैतायुग का आरंभ हुआ था।अक्षय तृतीया पर विष्णु अवतार भगवान परशुराम जी और दशमहाविद्या में नवम देवी भगवती राजराजेश्वरी मातंगी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस दिन दान का सर्वाधिक महत्व होता है। इस दिन संभव हो तो पानी से भरी सुराही,अरवा चावल,दाल,सिंधा नमक, हरी सब्जी,घी, दही,चीनी, मिठाई फल,एवं संभव हो तो वस्त्र का दान अवस्य हो तो शुभ माना जाता है।





