नई दिल्ली रफ्तार डेस्क: हिंदू धर्म में सभी त्योहारों का विशेष महत्व माना गया है। उनमें से एक त्यौहार है। अहोई अष्टमी , अहोई अष्टमी का व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और सुख समृद्धि के लिए करती हैं। कहा जाता है कि इसी दिन से दिवाली की शुरुआत भी हो जाती है। यह व्रत करवाचौथ के चार दिन बाद रखा जाता है इस दिन महिलाएं पूरे दिन निर्जला उपवास करती है और अपनी संतान की लंबी अवधि के लिए मंगलकामना करती है। हर वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष के अष्टमी तिथि को अहोई अष्टमी के त्यौहार मनाया जाता है। अहोई अष्टमी का त्योहार इस बार 5 नवंबर यानी कल मनाया जाएगा। लेकिन इस दौरान यह देखा गया है कि कई महिलाओं को पूजा करने के सही तरीके मालूम नहीं होता है। और जाने अनजाने वो गलतियां कर बैठती है। ऐसे में कुछ बातों को जरूर जानना चाहिए।
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