नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। प्रशांत किशोर (PK) की अगुवाई वाली जन सुराज पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़ा दांव खेला है। पीके ने पूर्व सांसद उदय सिंह उर्फ पप्पू सिंह को जन सुराज का पहला राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। उदय सिंह का राजनीतिक अनुभव और परिवारिक पृष्ठभूमि दोनों ही काफी मजबूत हैं।
राजनीति में मां-बेटे दोनों का योगदान
उदय सिंह की मां माधुरी सिंह खुद दो बार पूर्णिया से कांग्रेस सांसद रह चुकी हैं। 1980 और 1984 में उन्होंने जीत दर्ज की थी। वहीं, उदय सिंह भी लंबे समय से पूर्णिया की राजनीति में सक्रिय हैं।
उदय सिंह का राजनीतिक सफर
1998: कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा, तीसरे स्थान पर रहे। 2004: बीजेपी के टिकट पर पूर्णिया से सांसद बने। 2009: दोबारा बीजेपी से सांसद चुने गए। 2014: बीजेपी से चुनाव हार गए 2019: कांग्रेस में वापसी की, दूसरे स्थान पर रहे। अब 2025 में, प्रशांत किशोर ने उन्हें जन सुराज की कमान सौंप दी है।
चुनाव से पहले प्रशांत किशोर की नई रणनीति
प्रशांत किशोर ने 20 मई से 120 दिनों की राज्यव्यापी यात्रा शुरू की है। इस यात्रा का उद्देश्य है: जनता से सीधा संवाद पार्टी का विजन बताना जातीय जनगणना और सामाजिक न्याय पर सरकार की कथित नाकामी उजागर करना यात्रा की शुरुआत जेपी की जन्मस्थली सिताबदियारा, छपरा से की गई है। PK हर दिन 2-3 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करेंगे और जनसभाएं करेंगे।
क्या है PK का प्लान?
जन सुराज 243 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी न पहले गठबंधन, न बाद में। त्रिकोणीय मुकाबले की तैयारी पिछली हार से सीख लेकर पूरी ताकत से मैदान में वापसी राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर उदय सिंह पार्टी की सांगठनिक रणनीति और चुनावी तैयारियों को लीड करेंगे। जनता के बीच पार्टी की छवि मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को जोड़ने और पार्टी का नेटवर्क खड़ा करने में उनकी बड़ी भूमिका होगी। बिहार में अक्टूबर-नवंबर 2025 में चुनाव होने की संभावना है। ऐसे में जन सुराज अब तेज़ी से एक्टिव हो रही है। महागठबंधन और एनडीए के बीच मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की PK की कोशिश अब उदय सिंह की अगुआई में और जोर पकड़ेगी।




