नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए महागठबंधन ने आखिरकार अपना मुख्यमंत्री चेहरा घोषित कर दिया है। पटना के होटल मौर्या में गुरुवार को हुई साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने आधिकारिक रूप से ऐलान किया कि तेजस्वी यादव ही महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। इस दौरान मंच पर तेजस्वी यादव, अशोक गहलोत, राजेश राम (कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष), मुकेश सहनी (वीआईपी प्रमुख), दीपांकर भट्टाचार्य (सीपीआईएम) और अन्य दलों के नेता मौजूद रहे। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस इसलिए भी खास रही क्योंकि सीट बंटवारे और नेतृत्व को लेकर कई दिनों से महागठबंधन में तनाव और मतभेद की खबरें आ रही थीं।
मुकेश सहनी का बीजेपी पर वार
वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “लाखों कार्यकर्ता इस दिन का इंतजार कर रहे थे। बीजेपी विधायकों को तोड़ने और खरीदने में लगी है, लेकिन अब वक्त बदल गया है। जब तक बीजेपी को तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं। सहनी ने दावा किया कि महागठबंधन पूरी तरह मजबूत और एकजुट है और इस बार बिहार में सरकार उन्हीं की बनेगी। कई दिनों तक सीट बंटवारे को लेकर आरजेडी और कांग्रेस के बीच मतभेद जारी थे। इसी को सुलझाने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत को पटना भेजा गया था। उन्होंने बुधवार को लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव से मुलाकात की थी। हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस में एकजुटता का दावा किया गया, लेकिन करीब 13 सीटों पर महागठबंधन के प्रत्याशी अब भी आमने-सामने हैं। माना जा रहा है कि इन सीटों पर अंतिम फैसला अगले कुछ दिनों में हो सकता है। हालांकि मंच से तेजस्वी यादव और अशोक गहलोत ने महागठबंधन की एकजुटता और मजबूती पर जोर दिया, लेकिन पोस्टर विवाद और सीट बंटवारे की गुत्थी ने साफ कर दिया है कि गठबंधन के भीतर अभी भी सहमति की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। फिर भी, तेजस्वी यादव के नाम की औपचारिक घोषणा के साथ महागठबंधन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि 2025 का चुनाव उनके नेतृत्व में लड़ा जाएगा।





