नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार की राजनीति एक बार फिर तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव 2025 से पहले राजद (RJD) के निष्कासित नेता और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपने छोटे भाई और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि पार्टी के अंदर मौजूद गद्दारों से सावधान रहें, वरना चुनाव में भारी नुकसान हो सकता है।
“अभी भी वक्त है, वरना नतीजे बुरे होंगे”
तेज प्रताप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा,”मैं तेजस्वी से कहना चाहता हूं कि अभी भी वक्त है। अपने आस-पास के जयचंदों से सावधान रहिए, वरना चुनाव में बहुत बुरे नतीजे देखने को मिलेंगे। अब आप कितने समझदार हैं, ये चुनाव के नतीजे ही तय करेंगे।
औरंगाबाद घटना का जिक्र
तेज प्रताप ने अपनी पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा किया। यह वीडियो कांग्रेस की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें औरंगाबाद के नबीनगर से RJD विधायक विजय कुमार सिंह उर्फ डब्लू सिंह के ड्राइवर के साथ कथित मारपीट हुई। उन्होंने कहा,”मुझे समझ नहीं आ रहा है कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव लोकतंत्र बचाने के लिए यात्रा निकाल रहे हैं या उसे तार-तार करने के लिए। नबीनगर में विधायक के ड्राइवर और एक मीडियाकर्मी के साथ मारपीट शर्मनाक है।
मुझे कभी नहीं हरा पाएंगे
तेज प्रताप ने अपने खिलाफ साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग उनके राजनीतिक करियर को खत्म करना चाहते हैं। लेकिन उन्होंने चुनौती दी ये गद्दार नहीं जानते कि मेरा नाम तेज प्रताप यादव है। मैं और अधिक ताकत के साथ आगे बढ़ता रहूंगा। चाहे कितनी भी बड़ी साजिश हो, वे मुझे कभी हरा नहीं पाएंगे।
पांच छोटी पार्टियों के साथ गठबंधन
तेज प्रताप ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आगामी चुनाव के लिए पांच छोटी पार्टियों के गठबंधन की घोषणा भी की। इनमें विकास वंचित इंसान पार्टी (VVIP) भोजपुरिया जन मोर्चा (BJM) प्रगतिशील जनता पार्टी (PJP) वाजिब अधिकार पार्टी (WAP) संयुक्त किसान विकास पार्टी (SKVP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी मौजूद थे। तेज प्रताप ने कहा कि वे अपने संगठन और सोशल मीडिया के माध्यम से राज्यभर में जन संवाद करेंगे। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अक्टूबर-नवंबर में होने की संभावना है। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त होगा। 2020 में NDA ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनाई थी। 2022 में नीतीश ने NDA छोड़कर RJD के साथ हाथ मिलाया। जनवरी 2024 में उन्होंने फिर से पलटी मारकर NDA में वापसी की। इस बीच तेज प्रताप का गठबंधन और तेजस्वी को दी गई चेतावनी आने वाले चुनाव में नए समीकरण बना सकती है। तेज प्रताप यादव अब खुले तौर पर तेजस्वी यादव और RJD के अंदरूनी नेताओं पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर समय रहते “गद्दारों” से सावधानी नहीं बरती गई, तो पार्टी को बड़ा झटका लग सकता है।




