back to top
27.1 C
New Delhi
Wednesday, March 4, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

CJI गवई पर जूता फेंकने की कोशिश से मचा हड़कंप, तेजस्वी यादव बोले- यह हमारे लोकतंत्र की रीढ़ पर हमला है

सर्वोच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने की घटना पर तेजस्वी यादव ने कड़ी निंदा की उन्होंने कहा कि यह संविधान और बाबा साहेब अंबेडकर की विचारधारा पर हमला है।

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट में उस समय अफरातफरी मच गई जब मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई पर एक वकील ने जूता फेंकने की कोशिश की। यह घटना देश के न्यायिक इतिहास में पहली बार हुई है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया है।

‘यह संविधान और अंबेडकर की विचारधारा पर हमला है’ – बोले तेजस्वी यादव

इस घटना पर बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि पूरे न्यायिक तंत्र और संविधान पर चोट है। तेजस्वी ने कहा,“जब देश के सर्वोच्च न्यायिक पद पर बैठे व्यक्ति को अदालत में ही अपमान का सामना करना पड़े, तो यह लोकतंत्र के लिए चिंता की बात है। यह वही माहौल है जो 2014 के बाद राजकीय संरक्षण में बनाया गया, जहां घृणा और हिंसा को सामान्य कर दिया गया है।

‘संवैधानिक पद भी अब सुरक्षित नहीं’

तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश दलित समुदाय से आते हैं और संविधान की भावना के अनुरूप काम करते हैं। अगर ऐसे व्यक्ति भी सुरक्षित नहीं हैं, तो यह सिर्फ न्यायपालिका नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए चेतावनी है। उन्होंने कहा कि यह घटना संविधान और बाबा साहेब अंबेडकर की विचारधारा के प्रति असहिष्णुता दिखाती है। तेजस्वी यादव ने सीधे तौर पर बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह जूता सिर्फ CJI पर नहीं, बल्कि हमारे संविधान और बाबा साहेब अंबेडकर पर फेंका गया है।उन्होंने पूछा,“जो लोग खुद को राष्ट्रवादी कहते हैं, वे अब चुप क्यों हैं? क्या उन्हें यह सब सही लग रहा है? संविधान और दलित विरोधी मानसिकता रखने वाले भाजपाई इस पर कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं दे रहे?” तेजस्वी ने कहा कि न्यायपालिका की गरिमा हमारे लोकतंत्र की रीढ़ है और इसे बचाना हर नागरिक का कर्तव्य है। तेजस्वी यादव ने देशवासियों से अपील की कि वे ऐसी सोच और प्रवृत्तियों के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हों जो न्याय और संविधान की नींव को कमजोर कर रही हैं। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र तभी मजबूत रहेगा जब हम उसकी संस्थाओं का सम्मान करेंगे और संविधान की मर्यादा को बनाए रखेंगे।इस घटना ने न सिर्फ न्यायिक जगत को हिला दिया है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। विपक्ष ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरे की चेतावनी बताया है, वहीं पूरे देश में न्यायपालिका की सुरक्षा और गरिमा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

Advertisementspot_img

Also Read:

Birthday Special: पत्नी की आखिरी इच्छा पूरी नहीं कर पाए तो रो पड़े थे नीतीश कुमार, जन्मदिन पर जानिए उनकी जिंदगी के अनसुने किस्से

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं। सूबे की राजनीति में कई बड़े चेहरे रहे हैं,...
spot_img

Latest Stories

कुछ देशों में होली पर रंग खेलने पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई, जानिए कौन से हैं वो देश?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारत में होली सिर्फ एक त्योहार...

Chandra Grahan 2026: साल का पहला चंद्र ग्रहण और होली का संयोग, जानें सूतक में किन कार्यों से रहें दूर

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। फाल्गुन पूर्णिमा पर जहां एक ओर...

Skin Care Tips: ऑयली और डल स्किन से छुटकारा, समर में ऐसे रखें चेहरा फ्रेश और जवान

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। जैसे ही तापमान चढ़ता है, त्वचा...

Vastu Tips: घर में शांति बनाए रखने के लिए ये वास्तु उपाय, बनने लगेंगे सारे काम

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। जीवन में सुख समृद्धि अथवा...

Iran-Israel War का भारत पर क्या होगा असर, कैसे कच्चे तेल की कीमतों को करेगा प्रभावित?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को...