नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार में इन दिनों सबसे गर्म मुद्दा है वोटर लिस्ट रिवीजन। विपक्ष इसे वोटरों के नाम काटने की साजिश बता रहा है। जबकि चुनाव आयोग इसे नियमित प्रकिया बता रहा है। आज शुक्रवार को चुनाव आयोग ने SIR के आंकड़े जारी कर दिए हैं।
आप नीचे दिए गए लिंक को वेब ब्राउजर में कॉपी-पेस्ट करके अपना नाम सर्च कर सकते हैं:-
https://voters.eci.gov.in/download-eroll?stateCode=S04 । यदि आपका नाम सूची में नहीं है, तो अपने नजदीकी कैंप में जाकर दावा/आपत्ति फॉर्म भर सकते हैं।
कहां और कैसे कर सकेंगे दावा / आपत्ति?
बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद अब दावा और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया 2 अगस्त से शुरू होने जा रही है। चुनाव आयोग द्वारा जारी प्रारूप मतदाता सूची को लेकर लोग अब अपना नाम चेक कर रहे हैं। अगर किसी का नाम छूट गया है या मृत व्यक्ति का नाम सूची में जुड़ा है, तो 2 अगस्त से 1 सितंबर तक सुधार के लिए दावा या आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय, नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम अंचल कार्यालयों में विशेष कैंप लगाए जाएंगे।
ये कैंप हर दिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुले रहेंगे, जिसमें रविवार या किसी त्योहार के दिन भी सेवाएं मिलती रहेंगी। चुनाव आयोग ने साफ किया है कि जिले का कोई भी मतदाता किसी भी कैंप में जाकर आवेदन कर सकता है। जिन लोगों का नाम सूची में नहीं है, या जो अब 18 वर्ष के हो चुके हैं, वे फॉर्म 6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक वोटर लिस्ट से वंचित न रहे और हर नाम सही तरीके से दर्ज हो।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने क्या कहा?
बिहार में प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन हो चुका है। इसको लेकर भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि यह सूची SIR आदेश के पैरा 7(4) (पृष्ठ 3) के तहत जारी की गई है और अब यह ऑनलाइन पोर्टल पर भी उपलब्ध होने वाला है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त के अनुसार, राज्य के सभी 38 जिलों में जिला निर्वाचन पदाधिकारी (DEO) द्वारा मान्यता प्राप्त सभी राजनीतिक दलों को इस प्रारूप की डिजिटल और भौतिक प्रतियां मुहैया कराई जाएंगी।
बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) और राज्य के 243 निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) अब 1 सितंबर 2025 तक दावे और आपत्तियां स्वीकार करेंगे। इस दौरान कोई भी पात्र नागरिक: अपना नाम जुड़वाने, किसी मृत या अयोग्य मतदाता का नाम हटवाने, या किसी भी विवरण में सुधार कराने के लिए आवेदन कर सकता है। मुख्य संदेश यह है कि सभी पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें और आवश्यक होने पर 2 अगस्त से शुरू हो रहे कैंपों में संपर्क करें।
अब आज से ऐसे देख सकेंगे अपना नाम
बिहार में मतदाता सूची का प्रारूप आज यानि 1 अगस्त से जारी हो गया है। चुनाव आयोग ने 7.89 करोड़ मतदाताओं में से करीब 7.24 करोड़ वोटरों का विशेष गहन पुनरीक्षण किया है। इस प्रक्रिया के दौरान करीब 65 लाख नामों को हटाया गया है। हटाए गए नामों में वे वोटर शामिल हैं, जो मृत हो चुके हैं, जिनका नाम एक से ज्यादा जगह दर्ज था, या जो स्थायी रूप से दूसरे राज्य में बस गए हैं।




