नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों की सरगर्मियां अभी से तेज हो गई हैं। बिहार की राजनीति में बड़ा दावा करते हुए NDA के नेता संजय झा ने कहा है कि इस बार गठबंधन 2010 के विधानसभा चुनाव का रिकॉर्ड तोड़ देगा और 200 से ज्यादा सीटें जीतने में सफल रहेगा।
2010 के चुनाव में NDA को मिली थी 206 सीटें
जनता दल यूनाइटेड JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने एक इंटरव्यू में कहा कि इस बार NDA 2010 के चुनावी नतीजों को भी पीछे छोड़ देगा। 2010 में NDA को 206 सीटें मिली थीं। बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं, जहां बहुमत के लिए 122 सीटें जरूरी होती हैं। अगर संजय झा की भविष्यवाणी सही साबित होती है, तो यह बिहार के चुनावी इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि होगी।
2020 के बिहार चुनाव में क्या हुआ था?
साल 2020 में हुए चुनाव में NDA को 125 सीटें मिली थीं, जिसमें BJP को 74 और जदयू को 43 सीटों पर जीत हासिल हुई थी. बीजेपी से कम सीट होने के बावजूद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ही चुना गया था. इसके उलट, महागठबंधन को 110 सीटें मिली थी। जिसमें कांग्रेस, आरजेडी और कम्यूनिस्ट पार्टियां शामिल थी. लालू प्रसाद यादव की आरजेडी का परफॉर्मेंस सबसे बेहतर रहा था. तेजस्वी यादव की लीडरशिप में RJD सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। बीजेपी के पास ज्यादा सीटें होने के बावजूद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने थे।
लोकसभा चुनाव 2024 में क्या हुआ था?
बिहार में लोकसभा चुनाव 2024 में NDA ने जोरदार प्रदर्शन किया था। बिहार की कुल 40 लोकसभा सीटों में से NDA को 31 सीटें मिली थीं। INDIA गठबंधन को सिर्फ 9 सीटों पर संतोष करना पड़ा था। RJD ने 23 सीटों पर चुनाव लड़ा लेकिन सिर्फ 4 सीटें जीत पाई। कांग्रेस ने 9 सीटों पर चुनाव लड़ा और 3 पर जीत हासिल की। बिहार चुनाव 2025 NDA के दावे और चुनावी रणनीति बजट में बिहार के लिए बड़ी घोषणाएं NDA की चुनावी रणनीति का हिस्सा हैं। पीएम मोदी का मॉरीशस दौरा भी बिहार चुनाव से जोड़ा जा रहा है। पीएम मोदी ने वहां भोजपुरी में भाषण दिया बिहार के मखाने मॉरीशस के प्रधानमंत्री को भेंट किए।
क्या NDA का दावा सही साबित होगा?
2010 में 206 सीटें जीतना एक बड़ी उपलब्धि थी। 2020 में मुकाबला बेहद कांटे का था, क्या 2025 में NDA एकतरफा जीत दर्ज कर पाएगा? क्या विपक्षी गठबंधन अपनी पिछली गलतियों से सबक लेकर मजबूत वापसी करेगा। बिहार की राजनीति में इस बार का चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाला है। NDA के बड़े दावों के बीच देखना होगा कि मतदाता किसे सत्ता सौंपते हैं।





