नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । विधानसभा चुनाव से ठीक पहले लालू यादव के परिवार में हलचल बढ़ती जा रही है। सियासी परिवार के अंदर झगड़े और असहमति हर दिन गंभीर रूप ले रहे हैं। तेजस्वी यादव फिलहाल बिहार अधिकार यात्रा पर हैं, जबकि पटना और अन्य जिलों में RJD को लेकर चर्चाओं का सिलसिला जारी है।
इस बीच, रोहिणी आचार्य ने फेसबुक और एक्स पर जिस अंदाज में पोस्ट शेयर किया, उससे कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या वह आरजेडी से खुद को अलग कर सकती हैं।
यह पूरा घटनाक्रम तब फिर से शुरू हुआ, जब रोहिणी आचार्य ने एक फेसबुक पोस्ट शेयर की। इस पोस्ट में तेजस्वी यादव के करीबी मित्र और आरजेडी के राज्यसभा सांसद संजय यादव को लेकर टिप्पणी की गई थी, जिसने पार्टी और सियासी गलियारों में कयासों और चर्चाओं को तेज कर दिया।
ये रही विवाद की असली वजह?
दरअसल, संजय यादव आरजेडी की उस बस की अगली सीट पर बैठे थे, जिसमें तेजस्वी यादव बिहार अधिकार यात्रा पर निकले थे। रोहिणी ने इसे अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया, और इसके बाद आरजेडी के एक धड़े ने संजय यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बाद में रोहिणी ने फिर से पोस्ट लिखी और तस्वीरें साझा कीं, जिसमें पार्टी के कुछ अन्य नेता उसी सीट पर बैठे दिखाई दिए।
सियासी गलियारों में चर्चा में तेज
यह मामला तो कुछ ही समय में चर्चा का विषय बनकर चला गया। लेकिन इसके बाद लालू परिवार के अंदर फिर से कलह की अटकलें तेज हो गईं। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या चुनाव से पहले रोहिणी आचार्य पार्टी से खुद को अलग कर लेंगी, या यह सिर्फ सियासी चर्चाओं का हिस्सा है।
बेटी ने याद दिलाया ‘किडनी’ वाला वाक्या
रोहिणी आचार्य यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने फिर से अपनी भावनाओं को सोशल मीडिया पर साझा किया, और इस बार जो लिखा, वह पार्टी और परिवार के बीच खटास का संकेत माना जा रहा है। रोहिणी ने ट्वीट किया: “मैंने एक बेटी और बहन के तौर पर अपना कर्तव्य निभाया है और आगे भी निभाती रहूंगी। मुझे किसी पद की लालसा नहीं है, न ही कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा। मेरे लिए आत्म-सम्मान सर्वोपरि है।”
”बात आत्म-सम्मान की”
सवाल यह उठता है कि रोहिणी के आत्म-सम्मान को किसने ठेस पहुंचाई और वे अचानक इतनी नाराज़ क्यों हैं। इससे ठीक पहले उन्होंने एक और ट्वीट किया था, जिसमें एक वीडियो भी शेयर किया गया। ट्वीट में लिखा था कि “जान हथेली पर रखकर बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने का जज्बा रखते हैं, बेखौफी, बेबाकी और खुद्दारी तो उनके लहू में बहती है।”
बता दे कि, रोहिणी द्वारा संजय यादव को लेकर शेयर किए गए फेसबुक पोस्ट से तेजस्वी यादव के बड़े भाई तेज प्रताप यादव भी नाराज़ दिखाई देते रहे हैं। तेज प्रताप ने उन्हें पहले ही जयचंद कहकर निशाना बनाया था। चुनाव से ठीक पहले यह घटनाक्रम दिखाता है कि यह मामला पारिवारिक और राजनीतिक दोनों स्तर पर गंभीर है।





