नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत गरमा गई है। चुनाव से पहले राजद नीतीश कुमार पर लगातार हमलावर है। तेजस्वी यादव के बाद अब राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक बार फिर सरकार पर सियासी हमला बोला है।
लोकसभा चुनाव 2024 के बाद रोहिणी आचार्य एक बार फिर बिहार की सक्रिय राजनीति में जोरदार वापसी की तैयारी में हैं। लोकसभा चुनाव में सारण से RJD की उम्मीदवार रहीं रोहिणी अब बिहार विधानसभा चुनाव की संभावित दावेदार के रूप में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही रोहिणी ने सीएम नीतीश कुमार और उनकी सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
उन्होंने हाल ही में सवाल उठाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उनके मुताबिक, ‘क्रिमिनल ताकतवर हो गए हैं और पुलिस सिर्फ वनराज की तरह तमाशा देख रही है।’ उनके इस बयान से माना जा रहा है कि वह RJD की ओर से प्रमुख चेहरा बन सकती हैं।
तेज प्रताप पर भी लिया स्टैंड
बीते कुछ दिन पहले ही भाई तेज प्रताप यादव के पार्टी से निष्कासन को लेकर भी रोहिणी ने बेबाकी से अपनी राय दी थी। उस दौरान उन्होंने कहा था, ‘पापा हमारे भगवान हैं, पार्टी और परिवार की गरिमा बनाए रखना ज़रूरी है।’ उनके इस बयान के बाद पार्टी में उनकी स्थिति और मजबूत हुई।
चुनाव में मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
इस बार के विधानसभा चुनाव में RJD ने खास प्लान तैयार किया है। पार्टी की रणनीति में इस बार युवा चेहरों और खासकर महिलाओं को आगे लाने की योजना है। रोहिणी को लेकर चर्चा है कि वे किसी अहम सीट से विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं, हालांकि अभी उनके क्षेत्र की घोषणा नहीं हुई है।
RJD की सोशल इंजीनियरिंग में भूमिका
पार्टी की अगली रणनीति पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग को एकजुट करने की है। इसमें रोहिणी की भूमिका निर्णायक साबित हो सकती है। लोकसभा चुनाव हारने के बावजूद उनके तेवर और बयानबाजी ने उन्हें चर्चा में बनाए रखा है।
लालू परिवार की सक्रियता बढ़ी
रोहिणी की मौजूदगी केवल बिहार तक सीमित नहीं है। पार्टी अब झारखंड, बंगाल और दिल्ली जैसे राज्यों में भी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है। ऐसे में रोहिणी की सियासी मौजूदगी पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर भी फायदा पहुंचा सकती है। पार्टी अब तेजस्वी यादव के साथ-साथ रोहिणी जैसे नए चेहरों को आगे लाकर पार्टी को युवा और सशक्त छवि देने की दिशा में बढ़ रही है। सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि रोहिणी किस विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतरती हैं।




